देश की खबरें | असम में पुलिस गोलीबारी में पूर्व छात्र नेता घायल, मुख्यमंत्री ने दिया जांच का आदेश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. असम के नगांव जिले में एक पूर्व छात्र नेता पुलिस गोलीबारी में घायल हो गया। पुलिस ने उसे मादक पदार्थ तस्कर बताया है। विपक्षी दलों ने इस घटना को राज्य में मौजूद ''जंगलराज'' का परिणाम बताते हुए दावा किया है कि वर्तमान स्थिति 90 के दशक के ''गुपचुप हत्याओं'' के दौर से भी बदतर है। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
गुवाहाटी, 23 जनवरी असम के नगांव जिले में एक पूर्व छात्र नेता पुलिस गोलीबारी में घायल हो गया। पुलिस ने उसे मादक पदार्थ तस्कर बताया है। विपक्षी दलों ने इस घटना को राज्य में मौजूद ''जंगलराज'' का परिणाम बताते हुए दावा किया है कि वर्तमान स्थिति 90 के दशक के ''गुपचुप हत्याओं'' के दौर से भी बदतर है। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
पुलिस ने दावा किया है कि नगांव कॉलेज का पूर्व महासचिव कीर्ति कमल बोरा शनिवार को मादक पदार्थ बेच रहा था और कानून प्रवर्तकों पर हमला करने के बाद उसके पैर में गोली मार दी गई। दूसरी ओर, ऑल असम स्टूडेंट यूनियन (आसू) ने आरोप लगाया है कि बोरा ने नशे में धूत पुलिसकर्मियों द्वारा एक युवक की पिटाई करने का विरोध किया, जिससे वे नाराज हो गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन बोरठाकुर को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। उन्होंने कहा, ''बोरठाकुर घटना के तह में जाएंगे और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपेंगे।''
सरमा ने कहा, ''पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी, लेकिन उसे आम आदमी के लिए मित्रवत होना चाहिए। अगर कोई कर्मी या अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।''
बोरा की मां और कुछ छात्रों ने गोलीबारी की घटना की न्यायिक जांच कराने और इसमें शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नगांव थाने के सामने प्रदर्शन किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें मुख्य द्वार को जाम करने की बजाय ज्ञापन देने को कहा।
विरोध और आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, असम पुलिस ने ट्वीट किया, ''कचलुखुआ, नगांव में हुई गोलीबारी की घटना में शामिल पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से ‘पुलिस रिजर्व’ भेज दिया गया है। हमने सरकार से घटना की आयुक्त स्तर की जांच कराने का अनुरोध किया है। यदि कोई चूक हुई है, तो दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।''
नगांव के पुलिस अधीक्षक आनंद मिश्रा ने 'पीटीआई-' को बताया कि वह इस मामले की व्यक्तिगत रूप से जांच करेंगे ताकि पता लगाया जा सके कि पुलिस ने किन परिस्थितियों में कार्रवाई की।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)