देश की खबरें | भारत में ईवीएम ‘ब्लैक बॉक्स’ हैं, किसी को उनकी जांच की इजाजत नहीं: राहुल गांधी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) एक ‘‘ब्लैक बॉक्स’’ है, जिसकी जांच करने की किसी को अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर ‘‘गंभीर चिंता’’ जताई जा रही है।
नयी दिल्ली, 16 जून कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) एक ‘‘ब्लैक बॉक्स’’ है, जिसकी जांच करने की किसी को अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर ‘‘गंभीर चिंता’’ जताई जा रही है।
कांग्रेस के सहयोगी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी एक बार फिर से ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हुए आगामी सभी चुनाव मतपत्रों के जरिये कराने की मांग की।
गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘जब संस्थाओं में जवाबदेही का अभाव होता है तो लोकतंत्र दिखावा बन जाता है और धांधली की आशंका बढ़ जाती है।"
इस पोस्ट के साथ गांधी ने एक खबर भी साझा कि जिसमें दावा किया गया कि मुंबई की उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट से 48 वोट से जीत दर्ज करने वाले शिवसेना के उम्मीदवार के एक रिश्तेदार के पास एक ऐसा फोन है जिससे ईवीएम में छेड़छाड़ संभव थी।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने ‘एक्स’ पर एलन मस्क की उस पोस्ट को भी साझा किया जिसमें मस्क ने ईवीएम को हटाने की बात कही थी।
मस्क ने अपनी पोस्ट में कहा था, ‘‘हमें ईवीएम को खत्म कर देना चाहिए। मुनष्यों या कृत्रिम मेधा (एआई) द्वारा हैक किए जाने का जोखिम, हालांकि छोटा है, फिर भी बहुत अधिक है।’’
पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने हालांकि ईवीएम के संबंध में मस्क की आलोचना के जवाब में कहा कि अरबपति व्यवसायी का दृष्टिकोण अमेरिका और अन्य स्थानों पर भी लागू हो सकता है, जहां वे ‘‘इंटरनेट से जुड़ी मतदान मशीन’’ बनाने के लिए नियमित ‘कंप्यूट प्लेटफॉर्म’ का इस्तेमाल करते हैं।
चंद्रशेखर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘लेकिन भारतीय ईवीएम खासतौर पर तैयार की गई हैं, ये सुरक्षित हैं और किसी भी नेटवर्क या मीडिया से नहीं जुड़ी हैं - कोई कनेक्टिविटी नहीं, कोई ब्लूटूथ, वाईफाई, इंटरनेट नहीं।’’
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को ठीक उसी तरह से तैयार किया और बनाया जा सकता है जैसा भारत ने किया है। हमें ट्यूटोरियल देने में खुशी होगी, एलन।’’
सपा प्रमुख यादव ने “एक्स” पर अपनी एक पोस्ट में कहा, “ ‘टेक्नॉलजी’ समस्याओं को दूर करने के लिए होती है, अगर वही मुश्किलों की वजह बन जाए, तो उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।”
यादव ने इसी पोस्ट में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा, “आज जब विश्व के कई चुनावों में ईवीएम को लेकर गड़बड़ी की आशंका जाहिर की जा रही है और दुनिया के जाने-माने प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ (टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स) ईवीएम में हेराफेरी के खतरे की ओर खुलेआम लिख रहे हैं, तो फिर ईवीएम के इस्तेमाल की जिद के पीछे की वजह क्या है, ये बात भाजपाई साफ करें।”
यादव ने मस्क की पोस्ट को टैग किया और अपनी पार्टी की मांग दोहराई कि भविष्य में सभी चुनाव मतपत्रों के माध्यम से कराए जाएं।
विपक्षी दल पिछले कुछ समय से ईवीएम पर चिंता जताते रहे हैं और उसने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर ‘वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल’ (वीवीपैट) पर्चियों का शत प्रतिशत मिलान करने की अपील की की थी लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया।
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