जरुरी जानकारी | कारोबार सुगमता में सुधार के लिये नियमन को अपनाने की लागत का आकलन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) राज्यों में नियमन को अपनाने में आने वाली लागत का आकलन कर रहा है। इस पहल का मकसद कारोबार सुगमता में और सुधार लाना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, आठ अगस्त उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) राज्यों में नियमन को अपनाने में आने वाली लागत का आकलन कर रहा है। इस पहल का मकसद कारोबार सुगमता में और सुधार लाना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
इस पहल से राज्यों को सुधारों के बारे में जानकारी मिलेगी तथा वे उस दिशा में कदम उठाकर उद्योग के लिये कारोबारी माहौल में और सुधार ला सकते हैं।
डीपीआईआईटी के अधिकारियों ने नियमन लागत के आकलन के लिये चुनी गई सभी सर्वे एजेंसियों के साथ जून में बैठक की थी।
अधिकारी ने कहा, ‘‘इस कदम का उद्देश्य नियमन लागत को कम करना है।’’
विभाग उद्योग के अनुपालन बोझ को कम करने और कारोबार सुगमता की स्थिति को और बेहतर करने के लिए कई उपाय कर रहा है। इसके तहत हजारों पुराने प्रावधानों को हटा दिया है या उन्हें सरल बनाया गया है। साथ ही तेजी से मंजूरी के लिये राष्ट्रीय स्तर पर एकल-खिड़की व्यवस्था शुरू की गयी है।
केंद्र ने प्रावधानों को सुगम, युक्तिसंगत या अपराधमुक्त करने में राज्यों की मदद करने का भी निर्णय किया है।
संसद ने हाल ही में एक विधेयक पारित किया है। इसका उद्देश्य 42 अधिनियमों से संबद्ध 183 प्रावधानों में संशोधन के जरिये छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाकर कारोबार सुगमता को बढ़ावा देना है।
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