देश की खबरें | एक बार उपयोग वाले प्लास्टिक की जगह लेने बाजार में उतरेगा पर्यावरण हितैषी प्लास्टिक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गुवाहाटी स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि संस्थान एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के विकल्प के तौर पर प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले (बायोडिग्रेडेबल) पर्यावरण हितैषी प्लास्टिक को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए उद्योग जगत से गठजोड़ की कोशिशों में जुटा है।
इंदौर (मध्यप्रदेश), 24 जुलाई गुवाहाटी स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि संस्थान एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के विकल्प के तौर पर प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले (बायोडिग्रेडेबल) पर्यावरण हितैषी प्लास्टिक को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए उद्योग जगत से गठजोड़ की कोशिशों में जुटा है।
गौरतलब है कि देश में एकल उपयोग वाले प्लास्टिक पर एक जुलाई से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
आईआईटी गुवाहाटी के डीन (अनुसंधान और विकास) डॉ. विमल कटियार ने इंदौर में संवाददाताओं को बताया कि संस्थान देश में विकसित बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक, पॉलीमर और रेजिन के जरिये थैलियां (कैरी बैग), खाने की ट्रे, खिलौने और चिकित्सा उपकरण समेत अलग-अलग सामान बनाने की परियोजनाओं पर काम कर रहा है।
उन्होंने बताया कि आईआईटी गुवाहाटी देश के अलग-अलग औद्योगिक संगठनों से गठजोड़ की कोशिशों में जुटा है ताकि उद्योगपति इस संस्थान में बायोडिग्रेडेबल पदार्थों से विभिन्न सामान बनाने के गुर सीख सकें और ये वस्तुएं उपभोक्ताओं तक पहुंच सकें।
कटियार, प्लास्टिक उद्योग के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने इंदौर आए थे।
इस बीच, देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर स्थित इंडियन प्लास्टपैक फोरम के अध्यक्ष सचिन बंसल ने बताया कि उनके औद्योगिक संगठन ने बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक से अलग-अलग सामान बनाने की तकनीक के प्रशिक्षण के लिए आईआईटी गुवाहाटी से हाथ मिलाने का फैसला किया है।
उन्होंने बताया कि गठजोड़ को आगे बढ़ाने के लिए इंडियन प्लास्टपैक फोरम का प्रतिनिधिमंडल अगले महीने आईआईटी गुवाहाटी जा रहा है।
बंसल ने बताया,‘‘एकल उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध से अकेले मध्यप्रदेश के कारखानों में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का उत्पादन ठप हो गया है। हम एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के व्यवहार्य विकल्प तलाशने में जुटे हैं ताकि इस उत्पादन को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।’’
हर्ष
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