जरुरी जानकारी | तेलंगाना के निर्यातकों ने कहा, अमेरिका में चावल का पर्याप्त भंडार

हैदराबाद, 24 जुलाई यह भरोसा दिलाते हुए कि भारत द्वारा निर्यात प्रतिबंध के बाद भी अमेरिकी बाजार में गैर-बासमती चावल का पर्याप्त स्टॉक हैं, तेलंगाना के चावल निर्यातकों के एक समूह ने कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) से इसके पुनर्वर्गीकरण करने और प्रतिबंध हटाने का अनुरोध किया है।

यहां के प्रमुख चावल निर्यातक डेक्कन ग्रेनज़ इंडिया के निदेशक किरण कुमार पोला ने सोमवार को कहा, अमेरिका में प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) को चावल की उपलब्धता के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि उस देश में पर्याप्त स्टॉक है और यह निश्चित रूप से छह महीने तक चलेगा।

निर्यातकों ने एक ईमेल में एपीडा से अनुरोध किया, ‘‘निष्कर्ष के बतौर, हम अपर्याप्त चावल वर्गीकरण के मुद्दे को हल करने और चावल निर्यात पर प्रतिबंध हटाने में आपका समर्थन चाहते हैं। हम न्यूनतम निर्यात मूल्य के साथ छोटी पैकिंग में पसंदीदा किस्मों के निर्यात की अनुमति दे सकते हैं। हम एक अधिक सटीक वर्गीकरण प्रणाली लागू कर सकते हैं। इस तरह हम भारतीय चावल की किस्मों की समृद्ध विविधता का लाभ उठा सकते हैं और वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर सकते हैं।’’

पोला ने कहा कि अभी तक अमेरिका में लगभग 12,000 टन चावल का स्टॉक उपलब्ध है और प्रतिबंध की घोषणा से पहले ही 18,000 टन चावल का निर्यात किया जा चुका है। यह पूरी तरह से अगले छह महीने तक चलेगा।

उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार प्रवासी भारतीयों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल्द ही उचित निर्णय लेगी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, 9.07 किलोग्राम चावल के बैग की कीमत जो पहले 16-18 डॉलर बताई गई थी, अब दोगुनी हो गई है और कुछ जगहों पर कीमत 50 डॉलर के उच्चस्तर तक पहुंच गई है।

आंकड़ों के मुताबिक, भारत से हर महीने औसतन 6,000 टन गैर-बासमती चावल अमेरिका को निर्यात किया जाता है। जिसमें तेलंगाना और आंध्र प्रदेश का हिस्सा 4,000 टन का होता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)