देश की खबरें | प्रवर्तन निदेशालय ने विश्वभारती का दौरा किया, विश्वविद्यालय के अधिकारियों से मुलाकात की

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एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, तीन सितम्बर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तीन सदस्यीय एक टीम ने बृहस्पतिवार को विश्वभारती विश्वविद्यालय का दौरा किया और परिसर में अगस्त में हुई हिंसा के पीछे संगठित धनशोधन होने के कोण की संभावना की जांच कर रहे अपने अधिकारियों से मुलाकात की।

ईडी सूत्रों के अनुसार जांच अधिकारियों ने केंद्रीय विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की और उनसे डेढ़ घंटे तक बात की।

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ईडी ने कहा, ‘‘विश्वविद्यालय का हमारा दौरा नियमित जांच का हिस्सा था। हमें कुछ दस्तावेजों की जरूरत थी। अगर जरूरत हुई तो हमारी टीम फिर से अधिकारियों से मिलेगी।’’

ईडी अधिकारियों ने हालांकि, न तो स्थानीय पुलिस थाने का दौरा किया और न ही बीरभूम पुलिस अधीक्षक के कार्यालय का।

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केंद्रीय विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

ईडी ने पिछले महीने हिंसा के संबंध में प्रतिद्वंद्वी समूहों द्वारा दर्ज करायी गई एफआईआर की प्रतियां मांगी थी ताकि यह जांच की जा सके कि इसके पीछे संगठित धनशोधन वजह तो नहीं।

ईडी ने प्राथमिकी और अन्य शिकायतों की प्रतियों की मांग को लेकर बीरभूम के पुलिस अधीक्षक और विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र भेजे थे।

17 अगस्त को पौष मेला मैदान में तब दिक्कत उत्पन्न हो गई थी जब विश्वविद्यालय में हजारों स्थानीय लोग एकत्रित हो गए थे। यह सब विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा फेंसिंग कार्य शुरू करने के बाद हुआ था। इस दौरान तोड़फोड़ हुई थी।

विश्वभारती ने हिंसा की सीबीआई जांच और परिसर में केंद्रीय बल तैनात करने की मांग की थी। विश्वभारती ने साथ ही इसके लिए तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक और सत्ताधारी पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने हिंसा में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया था।

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