देश की खबरें | इंडिया गेट उद्यान में ‘विजय पर्व’ समारोह को नागरिकों से मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत के साथ 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के आत्मसमर्पण के बाद तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान के सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एके नियाज़ी द्वारा भारतीय सेना को सौंपी गई एक पिस्तौल और उनकी मर्सिडीज बेंज कार युद्ध के उन अवशेषों में से एक थी जिन्हें यहां शानदार जीत के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित दो दिवसीय भव्य ‘विजय पर्व’ की प्रदर्शनी में लोगों ने सबसे ज्यादा पसंद किया। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 15 दिसंबर भारत के साथ 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के आत्मसमर्पण के बाद तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान के सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एके नियाज़ी द्वारा भारतीय सेना को सौंपी गई एक पिस्तौल और उनकी मर्सिडीज बेंज कार युद्ध के उन अवशेषों में से एक थी जिन्हें यहां शानदार जीत के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित दो दिवसीय भव्य ‘विजय पर्व’ की प्रदर्शनी में लोगों ने सबसे ज्यादा पसंद किया। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि ‘विजय पर्व’ के तहत इंडिया गेट उद्यान में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 75,000 लोग शामिल हुए।

सशस्त्र बलों ने युद्ध में इस्तेमाल विभिन्न तरह की बंदूकों, उपकरणों और अन्य सैन्य साजोसामान के अलावा कलारीपयट्टू (भारतीय मार्शल आर्ट) और खुखरी ड्रिल का भी प्रदर्शन किया।

युद्ध अवशेषों की प्रदर्शनी में पाकिस्तानी सेना के झंडे, बंदूकें, टैंक और उपकरण शामिल थे जिन्हें 16 दिसंबर, 1971 को 93,000 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों के आत्मसमर्पण के बाद जब्त कर लिया गया था।

लेफ्टिनेंट जनरल नियाज़ी ने भारतीय सेना के पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीन, लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा की उपस्थिति में ढाका में आत्मसमर्पण के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे।

एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा, “मुख्य आकर्षण जनरल नियाज़ी की मर्सिडीज बेंज कार, उनकी पिस्तौल और वास्तविक मानचित्र थे, जिस पर भारतीय सेना ने 1971 के युद्ध में अभियान की योजना बनाई थी।”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now