देश की खबरें | प्रधानमंत्री के टीका लगवाने से प्रोत्साहित होकर दिल्ली के लोगों ने ली टीके की पहली खुराक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोविड-19 के टीके की पहली खुराक लेने के एक दिन बाद 70 वर्षीय मुकेश सहगल ने दिल्ली के ‘हार्ट एंड लंग इंस्टिट्यूट’ में जाकर टीका लगवाया और कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित किया।

नयी दिल्ली, दो मार्च प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोविड-19 के टीके की पहली खुराक लेने के एक दिन बाद 70 वर्षीय मुकेश सहगल ने दिल्ली के ‘हार्ट एंड लंग इंस्टिट्यूट’ में जाकर टीका लगवाया और कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित किया।

सहगल ने अपने परिवार वालों को इसके बारे में नहीं बताया था और कोवैक्सीन की पहली खुराक लेने के बाद उन्होंने व्हाट्सऐप के जरिये उन्हें इसकी जानकारी दी।

टीका लगवाने के बाद डेढ़ घंटे तक निगरानी में रखे गए सहगल ने कहा कि उन्हें अच्छा लग रहा है और वह राहत महसूस कर रहे हैं।

यह पूछे जाने पर कि उन्हें टीका लगवाने का प्रोत्साहन कहां से मिला, सहगल ने कहा, “कल जब मोदीजी ने टीका लगवाया तो मुझे इससे प्रोत्साहन मिला और विश्वास बढ़ा।”

विजय नगर के निवासी सहगल से पूछा गया कि क्या उनकी पत्नी भी टीका लगवाने के लिए तैयार हैं, जिस पर उन्होंने कहा, “एक पत्नी को विश्वास में लेना कठिन होता है। दरअसल, मैंने अपने परिवार में इसके बारे में किसी को नहीं बताया था। लेकिन मैं अपने सभी परिजनों से कहूंगा कि वे भी टीका लगवाएं।”

न्यू राजेंद्र नगर की निवासी कामिनी सोनी (69) ने अपने पति द्वारा टीके की पहली खुराक लगवाने के बाद टीका लगवाया।

उन्होंने कहा कि टीका लगवाने के प्रति उन्हें कोई संशय नहीं था।

सोनी ने कहा, “हम टीके के आने का इंतजार कर रहे थे और जब हमारे प्रधानमंत्री ने टीका लगवाया तो हम पूरी तरह आश्वस्त हो गए। वह हमारे लिए आदर्श हैं।”

सराय रोहिल्ला के निवासी सुनील रुस्तगी (61) ने कहा कि उन्होंने टीका लगवाने के लिए पंजीकरण करने से पहले सोमवार को एम्स के एक डॉक्टर से सलाह ली और प्रधानमंत्री द्वारा टीका लगवाने के बाद वह भी इसके प्रति आश्वस्त हो गए।

पिछले साल दिवाली से दो सप्ताह पहले रुस्तगी और उनकी पत्नी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे।

दिल्ली पुलिस की 4 बटालियन में कार्यरत राम कुमार (33) ‘हार्ट एंड लंग इंस्टिट्यूट’ में अपने दिल की मासिक जांच करवाने के लिए आए थे और इस दौरान उन्होंने कोविड-19 के टीके की पहली खुराक के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लिया।

उन्होंने बताया कि पिछले साल उनकी एंजियोप्लास्टी हुई थी।

उन्होंने कहा कि दिल की बीमारी के चलते पहले वह टीका लगवाने में संकोच कर रहे थे लेकिन जब उन्होंने देखा कि 50 वर्ष की आयु से अधिक के मरीज टीका लगवा रहे हैं तो इससे उन्हें प्रोत्साहन मिला।

कुमार ने कहा कि डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने मंगलवार को टीका लगवा लिया।

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