जरुरी जानकारी | नियोक्ता द्वारा कर्मचारियों के अंशदान को देर से जमा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी: सीतारमण

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार ने सोमवार को कहा कि कर्मचारियों के भविष्य निधि जैसे सामाजिक सुरक्षा योगदान को जमा करने में देरी करने वाले नियोक्ता अपनी आय में कर कटौती का दावा नहीं कर सकेंगे।

नयी दिल्ली, एक फरवरी सरकार ने सोमवार को कहा कि कर्मचारियों के भविष्य निधि जैसे सामाजिक सुरक्षा योगदान को जमा करने में देरी करने वाले नियोक्ता अपनी आय में कर कटौती का दावा नहीं कर सकेंगे।

इस संबंध में वित्त विधेयक 2021 में एक संशोधन का प्रस्ताव किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नियोक्ता अपने कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा योगदान को समय पर जमा करें।

इसके अलावा एक अप्रैल 2021 से 2.5 लाख रुपये से अधिक वार्षिक भविष्य निधि अंशदान पर मिलने वाले ब्याज पर कर का प्रस्ताव है। इस समय भविष्य निधि जमाओं पर मिले ब्याज पर कोई कर नहीं है।

सरकार ने अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों की पहचान के लिए एक वेब पोर्टल बनाने का प्रस्ताव भी किया है, ताकि उन्हें स्वास्थ्य, ऋण और भोजन जैसे विभिन्न लाभ दिए जा सकें।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, ‘‘हमने पाया है कि कुछ नियोक्ता भविष्य निधि, सेवानिवृत्ति कोष और अन्य सामाजिक सुरक्षा कोषों के लिए कर्मचारियों के अंशदान की कटौती करते हैं, लेकिन इन अंशदानों को तय समय के भीतर जमा नहीं करते हैं।’’

उन्होंने कहा कि इसका अर्थ है कि कर्मचारियों के लिए ब्याज या आय में कमी। जिन मामलों में नियोक्ता की वित्तीय हालत बाद में खराब हो जाती है, वहां जमा नहीं की गई राशि के रूप में कर्मचारियों को स्थायी नुकसान होता है।

सीतारमण ने सदन को बताया, ‘‘यह सुनिश्चित करने के लिए कि कर्मचारियों के अंशदान को समय पर जमा किया जाए, मैं दोहराती हूं कि नियोक्ता द्वारा कर्मचारियों के अंशदान को देर से जमा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’’

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