जरुरी जानकारी | उप्र-रेरा का परियोजना पंजीकरण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने पर जोरः चेयरमैन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट प्राधिकरण (उप्र-रेरा) के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि प्राधिकरण परियोजनाओं के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ बिल्डरों एवं खरीदारों के बीच विवाद समाधान के लिए प्रयास कर रहा है।
नयी दिल्ली, 30 मई उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट प्राधिकरण (उप्र-रेरा) के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि प्राधिकरण परियोजनाओं के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ बिल्डरों एवं खरीदारों के बीच विवाद समाधान के लिए प्रयास कर रहा है।
भूसरेड्डी ने नोएडा में आयोजित एक रियल एस्टेट सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में संपत्ति बाजार बढ़ रहा है और राज्यों के कई जिलों से परियोजनाओं के पंजीकरण के लिए आवेदन आ रहे हैं।
रियल एस्टेट डेवलपरों को विपणन गतिविधियां शुरू करने और अपनी इकाइयां बेचने के लिए परियोजनाओं को पंजीकृत करने की जरूरत होती है।
चेयरमैन ने कहा, “हम प्रणाली को यथासंभव पारदर्शी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हम अपने उपलब्ध संसाधनों के भीतर इसे सरल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।”
भूसरेड्डी ने कहा, “उप्र-रेरा के पास 75 शहरों की देखरेख का काम है। पहले केवल कुछ जिले ही थे जिनमें गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, लखनऊ, आगरा और कानपुर शामिल थे। लेकिन अब पूरे प्रदेश से ही आवेदन आ रहे हैं।”
भूसरेड्डी ने कहा, “साल 2024 में जब हमने सबसे अधिक 261 परियोजनाओं को मंजूरी दी थी, तो उनमें से लगभग 62 परियोजनाएं दिल्ली-एनसीआर में थीं और लगभग 199 परियोजनाएं एनसीआर से बाहर थीं।”
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