देश की खबरें | प्रख्यात पर्यावरण कार्यकर्ता मनोज मिश्रा का निधन

नयी दिल्ली, चार जून प्रख्यात पर्यावरण कार्यकर्ता और भारतीय वन सेवा के पूर्व अधिकारी मनोज मिश्रा का रविवार दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर निधन हो गया। वह 68 वर्ष के थे।

मिश्रा बहुमूल्य वनों और नदियों की रक्षा के लिए लड़ी गईं लड़ाइयों की विरासत पीछे छोड़ गए हैं।

मिश्रा आठ अप्रैल को कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे और 10 अप्रैल से उनका इलाज चल रहा था। भारतीय वन सेवा बिरादरी के सदस्यों समेत पर्यावरण संरक्षण समुदाय ने मिश्रा के निधन पर शोक व्यक्त किया और वनों तथा नदियों की सुरक्षा के लिए उनके अथक प्रयासों की सराहना की।

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में जन्मे मिश्रा का प्रारंभिक जीवन प्रकृति और पर्यावरण के प्रति प्रेम से प्रेरित रहा। उन्होंने अपनी शिक्षा उत्तराखंड के पंतनगर विश्वविद्यालय और बाद में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी की। 1979 में, वह भारतीय वन सेवा में शामिल हुए। वह मध्य प्रदेश कैडर से जुड़े थे और देश भर में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे।

मिश्रा ने 2001 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। 2007 में, उन्होंने यमुना नदी के पुनरुद्धार के लिए समर्पित ‘यमुना जिये’ अभियान शुरू किया था।

अपनी विनम्रता के लिए मशहूर मिश्रा ने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए कानूनी रास्ते का उपयोग करते हुए वनों की कटाई, अवैध खनन और प्रदूषण के खिलाफ सक्रिय लड़ाई लड़ी। जंगलों और नदियों को बचाने की उनकी कानूनी लड़ाई को व्यापक मान्यता मिली।

मिश्रा के निधन की खबर फैलते ही पर्यावरणविदों, सहकर्मियों और प्रशंसकों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि दी जाने लगी।

नदियों, बांधों और लोगों से संबंधित ‘दक्षिण एशिया नेटवर्क’ के सदस्य भीम सिंह ने कहा, "पर्यावरण की रक्षा के लिए अटूट दृढ़ संकल्प और यमुना नदी तथा उसके बाढ़ संभावित मैदानों को संरक्षित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को एक स्थायी विरासत के रूप में याद किया जाएगा। मैं उनसे बहुत प्रभावित रहा हूं। वह मेरे पिता की तरह थे। मुझे दुख है कि वह अपने जीवनकाल में 'निर्मल' यमुना नहीं देख सके।”

कांग्रेस के नेता और पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा, "एक अथक पर्यावरणविद, मनोज मिश्रा के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ। वह नदियों के संरक्षण के प्रति विशेष रूप से भावुक थे और उन्होंने अपना अधिकांश समय यमुना के पुनरुद्धार को दिया।’’

दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

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