देश की खबरें | एल्गार परिषद मामला: न्यायालय ने गौतम नवलखा की जमानत पर रोक बढ़ाई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में कार्यकर्ता गौतम नवलखा को जमानत देने के अपने आदेश के क्रियान्वयन पर बंबई उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक को सोमवार को बढ़ा दिया।
नयी दिल्ली, 12 फरवरी उच्चतम न्यायालय ने एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में कार्यकर्ता गौतम नवलखा को जमानत देने के अपने आदेश के क्रियान्वयन पर बंबई उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक को सोमवार को बढ़ा दिया।
न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एस. वी. एन. भट्टी की पीठ ने मामले की सुनवाई को मार्च के पहले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दिया।
पीठ ने कहा, ''इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि उच्च न्यायालय ने जमानत आदेश पर पहले ही रोक लगा दी है, इसे सुनवाई की अगली तारीख तक बढ़ा दिया गया है।''
यह दूसरी बार है जब शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक बढ़ाई है। इससे पहले इसे पांच जनवरी को बढ़ाया गया था।
शीर्ष अदालत नवलखा को दी गई जमानत के खिलाफ राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की ओर से दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी।
बम्बई उच्च न्यायालय ने पिछले साल 19 दिसंबर को नवलखा को जमानत दे दी थी, लेकिन संघीय आतंकवाद विरोधी जांच एजेंसी एनआईए द्वारा शीर्ष अदालत में आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए समय मांगने के बाद अपने आदेश को तीन सप्ताह के लिए स्थगित रखा था।
शीर्ष अदालत ने 10 नवंबर, 2022 को नवलखा को उनके बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण घर में नजरबंद करने की अनुमति दी थी।
एनआईए की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने नजरबंदी के आदेश का विरोध किया था। नवलखा उस समय नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद थे।
वह फिलहाल नवी मुंबई में नजरबंद हैं।
यह मामला 31 दिसंबर, 2017 को पुणे में आयोजित एल्गार परिषद सम्मेलन में दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों से संबंधित है। पुलिस का दावा है कि अगले दिन पश्चिमी महाराष्ट्र शहर के बाहरी इलाके में कोरेगांव-भीमा युद्ध स्मारक के पास हिंसा भड़क उठी थी।
मामले में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) से जुड़े होने के आरोपी कम से कम 16 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है और उनमें से पांच फिलहाल जमानत पर हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)