देश की खबरें | एल्गार मामला : आरोपियों के परिजन ने उन्हें तलोजा जेल से हटाने के आदेश को दी चुनौती
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. एल्गार परिषद माओवादी संबंध मामले में गिरफ्तार 16 में से तीन आरोपियों के परिजन और मित्रों ने सभी पुरुष आरोपियों को नवी मुंबई में स्थित तलोजा जेल से दूसरी जगह ले जाने की अनुमति देने वाले विशेष अदालत के आदेश को बंबई उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
मुंबई, तीन अगस्त एल्गार परिषद माओवादी संबंध मामले में गिरफ्तार 16 में से तीन आरोपियों के परिजन और मित्रों ने सभी पुरुष आरोपियों को नवी मुंबई में स्थित तलोजा जेल से दूसरी जगह ले जाने की अनुमति देने वाले विशेष अदालत के आदेश को बंबई उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
सोमवार को दायर याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी की विशेष अदालत ने आरोपियों का पक्ष सुने बगैर ही यह आदेश पारित कर दिया और उन्हें ‘‘अपने अधिकार मांगने पर दंडित किया जा रहा है।’’
जिन तीन आरोपियों के परिजन ने याचिका दायर की है, वे हैं... शिक्षाविद आनंद तेलतुम्बडे की पत्नी रमा तेलतुम्बडे, वकील सुरेन्द्र गाडलिंग की पत्नी मीनल गाडलिंग और कार्यकर्ता सुधीर धावले के मित्र शरद गायकवाड।
इस साल की शुरुआत में तलोजा केन्द्रीय जेल के अधिकारियों ने इस मामले के सभी दस पुरुष आरोपियों को महाराष्ट्र के दूसरे कारागार में स्थानांतरित करने का अनुरोध करते हुए कहा था कि वे जेल प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए फर्जी शिकायतें कर रहे हैं।
याचिकाओं में कहा गया है कि विशेष एनआईए अदालत के न्यायाधीश डी. ई. कोठालिकर ने एक अप्रैल को उनके स्थानांतरण की अनुमति दे दी। हालांकि, इस आदेश का अभी तक पालन नहीं हुआ है।
याचिका में कहा गया है कि जेल में बीमार होने पर आरोपी एक-दूसरे की देखभाल करते हैं। साथ ही, जेल में सभी के साथ में होने पर उनके परिजन और वकीलों के लिए बचाव में दलीलें तैयार करने में आसानी होती थी।
याचिका में अनुरोध किया गया है कि एल्गार मामले के आरोपियों और उनके परिजन तथा वकीलों के बीच तमाम संपर्क रोकने वाले जेल अधीक्षक कौस्तुभ कुर्लेकर का तबादला कर दिया जाए। उसमें कहा गया है कि कुर्लेकर ने बार-बार दावा किया है कि आरोपी फर्जी शिकायतें कर रहे हैं।
इस मामले के आरोपियों में से सुधीर धावले, रोना विल्सन, सुरेन्द्र गाडलिंग, महेश राउत, वेरनॉन गोंजाल्विस, अरुण फरेरा, आनंद तेलतुम्बडे, गौतम नवलखा, सागर गोरखे और रमेश गाइचोर नवी मुंबई स्थित तालोजा जेल में बंद हैं।
सुधा भारद्वाज, शोमा सेन और ज्योति जगताप मुंबई के भायखला महिला कारागार में बंद हैं।
वरवर राव अंतरिम मेडिकल जमानत पर जेल से बाहर हैं, हनी बाबू का मुंबई के निजी अस्पताल में अस्पताल चल रहा है जबकि स्टैन स्वामी की अस्पताल में पांच जुलाई को मौत हो गई। वह मेडिकल आधार पर जमानत का इंतजार कर रहे थे।
उच्च न्यायालय मामले में अगली सुनवाई अगले सप्ताह कर सकता है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 03, 2021 08:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

