नयी दिल्ली, 20 सितंबर भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने बुधवार को कहा कि इलेक्ट्रिक बस दुनिया बदल सकती हैं और एक ऐसा भविष्य दे सकती हैं जहां धरती रहने योग्य होगी।
अमेरिकी राजदूत गार्सेटी ने ‘भारत में इलेक्ट्रिक बस उतारने में तेजी लाने’ संबंधी विषय पर एक सत्र में भाग लेने के लिए यहां एक भारतीय इलेक्ट्रिक बस में सफर किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए भारतीय इलेक्ट्रिक बस में बैठना बहुत रोमांचक था। हम जानते हैं कि इलेक्ट्रिक बस दुनिया को बदल सकती हैं। ये शांत, स्वच्छ हैं, वे हमारे कार्बन डाइ आक्साइड उत्सर्जन को कम करने में हमारी मदद करती हैं और हमें एक ऐसा भविष्य देती हैं जहां हमारा ग्रह रहने योग्य होगा।’’
गार्सेटी ने कहा, ‘‘यह एक कारण है कि अमेरिका सरकार भारतीय शहरों की सड़कों पर अधिक इलेक्ट्रिक बस लाने के लिए भारत सरकार में हमारे दोस्तों के साथ काम कर रही है। इसलिए, हमने भारतीय सड़कों पर 10,000 इलेक्ट्रिक बस चलाने की पहल शुरू की है।’’
अमेरिका और भारत ने एक तंत्र की शुरुआत की है जो भारत के शहरों में भारत निर्मित 10,000 इलेक्ट्रिक बस उतारने में सुविधा प्रदान करेगा। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की व्हाइट हाउस की आधिकारिक यात्रा के दौरान पहली बार घोषित संयुक्त दृष्टिकोण को वास्तविकता में लाएगा।
अमेरिकी राजदूत ने कहा, ‘‘हर दिन हम वैश्विक स्तर पर जलवायु संकट का प्रभाव देखते हैं। हमें अभी कदम उठाना होगा, अन्यथा हम अपने ग्रह और अपने लोगों के भविष्य को खतरे में डालेंगे। आज घोषित साझेदारी पूरे भारत में 10,000 इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े के लिए वित्तपोषण जुटाएगी, जिससे भारत में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन के लिए विकल्पों का विस्तार होगा, स्वच्छ शहरों और स्वस्थ समुदायों का निर्माण होगा।’’
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि राजदूत ने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की इलेक्ट्रिक बस में सफर किया।
गहलोत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने हमारी शून्य शोर, शून्य उत्सर्जन, 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बस में सवारी करने के बाद बिलकुल सही कहा कि इलेक्ट्रिक बस दुनिया बदल सकती हैं। खुशी है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली अधिक रहने योग्य, हरित, साझा भविष्य की लड़ाई में आगे बढ़ रही है।’’
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अमेरिकी राजदूत को धन्यवाद दिया। केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आशा है अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी आपने सफर का आनंद लिया। इलेक्ट्रिक बसों की क्रांतिकारी शक्ति के बारे में आपकी मान्यता प्रेरणादायक है।’’
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आपके डीटीसी बस अनुभव और हरित एवं टिकाऊ परिवहन के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता के लिए आपके समर्थन के लिए धन्यवाद। दिल्ली की इलेक्ट्रिक बसें सिर्फ वाहनों से कहीं अधिक हैं, वे स्वच्छ, शांत और हरित भविष्य की दिशा में एक कदम हैं।’’
इस महीने की शुरुआत में जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार, भारत और अमेरिका भारत में इलेक्ट्रिक वाहन के विस्तार के लिए भुगतान सुरक्षा तंत्र के लिए संयुक्त समर्थन प्रदान करेंगे। इससे पीएम ई-बस सेवा योजना को बढ़ावा मिलेगा, जिसका लक्ष्य उन शहरों के लिए 10,000 इलेक्ट्रिक बस खरीदने का है, जहां पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन का अभाव है।
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