नयी दिल्ली, 16 अगस्त निर्वाचन आयोग ने जम्मू-कश्मीर चुनाव के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की आवश्यकता और महाराष्ट्र में त्योहारों के दौरान होने वाली भीड़ का हवाला देते हुए शुक्रवार को कहा कि पश्चिमी राज्य में विधानसभा चुनाव की घोषणा बाद में की जाएगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण राज्य में मतदाता सूची के अद्यतन में भी देरी हुई है।
मतदाता सूची के अद्यतन को चुनावी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
कुमार ने महाराष्ट्र में चुनाव दिवाली के बाद होने का संकेत दिया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, “महाराष्ट्र में भारी बारिश हुई है, बीएलओ (बूथ स्तर अधिकारी) को अपना काम पूरा करना है। कई त्योहार भी हैं, जिन्हें ध्यान में रखना होगा। गणेश उत्सव, पितृ पक्ष, नवरात्रि, दिवाली, इन सभी को देखते हुए हमने सोचा कि हम एक समय में दो जगहों पर ही चुनाव करा सकते हैं।”
कुमार ने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव 2019 में एक साथ हुए थे लेकिन उस समय जम्मू-कश्मीर का मुद्दा नहीं था।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष चार राज्यों जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव हैं और अगले साल की शुरुआत में दिल्ली में पांचवां चुनाव।
कुमार ने कहा, “जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की जरूरत को देखते हुए हमने एक साथ दो जगह चुनाव कराने का फैसला किया है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव की घोषणा जम्मू-कश्मीर में चुनाव प्रक्रिया के बीच में नहीं की जा सकती।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि महाराष्ट्र में विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव कराए जाएंगे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY