चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब के नए मुख्यमंत्री के रूप में चुनना राहुल गांधी का साहसिक निर्णय है : सुनील जाखड़
कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने शुक्रवार को कहा कि नए मुख्यमंत्री के रूप में चरणजीत सिंह चन्नी को चुनना राहुल गांधी का ‘‘साहसिक फैसला’’ है. पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की जगह लेने वालों में जाखड़ का नाम भी चर्चा में था. उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में चन्नी के चयन को लेकर पार्टी पर हमला करने वाले कांग्रेस के विरोधियों की निंदा की.
चंडीगढ़, 24 सितंबर : कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ (Sunil Jakhar) ने शुक्रवार को कहा कि नए मुख्यमंत्री के रूप में चरणजीत सिंह चन्नी को चुनना राहुल गांधी का ‘‘साहसिक फैसला’’ है. पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की जगह लेने वालों में जाखड़ का नाम भी चर्चा में था. उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में चन्नी के चयन को लेकर पार्टी पर हमला करने वाले कांग्रेस के विरोधियों की निंदा की. जाखड़ ने ट्विटर पर अपना बयान साझा करते हुए कहा, ‘‘(पूर्व पार्टी अध्यक्ष) राहुल गांधी ने चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री के रूप में चुनकर सामाजिक भेदभाव की बाधाओं (ग्लास सीलिंग) को तोड़ा है.’’ चन्नी अनुसूचति जाति से आने वाले पंजाब के पहले मुख्यमंत्री हैं. उन्होंने कहा, ‘‘यह साहसिक फैसला सिख धर्म के मूल्यों में निहित है और यह न सिर्फ राजनीति बल्कि राज्य के सामाजिक ताना-बाना के लिए भी एक महत्वपूर्ण क्षण है.’’ जाखड़ का यह बयान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद आया है. दो दिन पहले जाखड़ दोनों नेताओं के साथ विमान से दिल्ली गए थे.
अमरिंदर सिंह के अचानक मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद चन्नी ने सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. हिंदू समुदाय से आने वाले जाखड़ मुख्यमंत्री पद के लिये प्रमुख दावेदारों में से एक थे. हालांकि, अंबिका सोनी समेत पार्टी के अन्य नेताओं ने सुझाव दिया था कि मुख्यमंत्री के रूप में एक सिख को नियुक्त किया जाना चाहिए. बाद में यह पता चला कि ‘‘नाराज’’ जाखड़ ने उपमुख्यमंत्री पद के प्रस्ताव को ठुकरा दिया. इन्हीं अटकलों के बीच जाखड़ ने ट्वीट किया था, ‘‘ऊंचे पदों पर बैठे छोटी सोच के लोग पंजाब को नस्ल/जाति/पहचान के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे थे.’’ अब चर्चा है कि जाखड़ को कोई पद दिया जा सकता है. जाखड़ ने शुक्रवार को कहा, ‘‘यह ताना-बाना समाज के सभी वर्गों की आकांक्षाओं और चिंताओं का एक जटिल परस्पर जोड़ है. इसका हर समय ‘राज धर्म’ के रूप में सम्मान और पोषण किया जाना चाहिए.’’ यह भी पढ़ें : सीएम Yogi Adityanath ने कहा- पूर्व की सरकारें आतंकियों की पैरवी करती थीं, आज कोई ऐसी हिम्मत नहीं कर सकता
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, वर्तमान में साफ तौर पर एक बार फिर पंजाबियत की परीक्षा लिए जाने का खतरा दिख रहा है क्योंकि विभाजनकारी ताकतें पहले से ही समाज को खंडित करने के लिए इस परिवर्तनकारी पहल को हथियार बना रही हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस खतरे को दूर नहीं किया जा सकता है. साथ ही अगर इसे अकुशल/या पक्षपातपूर्ण तरीके से संभाला जाता है, तो जो मजबूत भाईचारा और सौहार्द परीक्षा की घड़ी में भी हमेशा से पंजाब का गौरव रहा है, वह ‘शीशे के घर’ की तरह बड़ी आसानी से चकनाचूर हो जाएगा.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 24, 2021 04:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

