नयी दिल्ली, 20 जून निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को असम के लिए परिसीमन मसौदा दस्तावेज जारी करते हुए पूर्वोत्तर राज्य में विधानसभा सीट की संख्या 126 और लोकसभा सीट की संख्या 14 पर बरकरार रखने का प्रस्ताव दिया है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने प्रस्ताव दिया है कि अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीट को आठ से बढ़ाकर नौ और अनुसूचित जनजाति की सीट को 16 से बढ़ाकर 19 किया जाए।
निर्वाचन आयोग के परिसीमन मसौदे में अनुसूचित जनजाति के लिए विधानसभा की 19 और दो संसदीय सीट तथा अनुसूचित जाति के लिए विधानसभा की नौ और एक संसदीय सीट आरक्षित करने का प्रस्ताव है।
चुनाव निकाय ने प्रस्ताव दिया कि वेस्ट कार्बी आंगलोंग के स्वायत्त जिलों में विधानसभा सीट की संख्या एक और बोडोलैंड स्वायत्त परिषद क्षेत्रों में तीन (16 से 19) तक बढ़ाई जाए।
निर्वाचन आयोग ने अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित दीफू और कोकराझार संसदीय सीट को बरकरार रखा है तथा लखीमपुर संसदीय सीट को अनारक्षित रखा है।
प्रस्तावों के अनुसार, धेमाजी जिले में एक अनारक्षित विधानसभा सीट होगी। बराक घाटी जिलों- कछार, हैलाकांडी और करीमगंज के लिए दो संसदीय सीट प्रस्तावित की गई हैं। आयोग ने एक संसदीय सीट का नाम काजीरंगा रखने का प्रस्ताव दिया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडे तथा अरुण गोयल जुलाई में मसौदा प्रस्ताव पर जन सुनवाई के लिए असम का दौरा करेंगे।
परिसीमन कवायद 2001 की जनगणना के आधार पर की गई। पिछला परिसीमन 1976 में असम में किया गया था।
आयोग ने इस साल 26 मार्च से 28 मार्च तक असम का दौरा किया था और राज्य में परिसीमन कवायद के संबंध में राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों, नागरिक संस्थाओं के सदस्यों, सामाजिक संगठनों, जनता के सदस्यों और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, सभी जिलों के उपायुक्तों तथा जिला चुनाव अधिकारियों के साथ बातचीत की।
कुल मिलाकर, 11 राजनीतिक दलों और 71 अन्य संगठनों से अभ्यावेदन प्राप्त हुए तथा उन पर विचार किया गया।
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