देश की खबरें | प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग से संस्थाएं बेहतर परिणाम ला सकेंगी, पारदर्शिता सुनिश्चित होगी : बिरला
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बदलते परिप्रेक्ष्य में संस्थाओं के भीतर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का प्रभावी ढंग से उपयोग करने पर जोर देते हुए मंगलवार को कहा कि इससे संस्थाएं बेहतर परिणाम ला सकेंगी तथा अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही के द्वारा सुशासन सुनिश्चित हो सकेगा।
उदयपुर (राजस्थान), 22 अगस्त लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बदलते परिप्रेक्ष्य में संस्थाओं के भीतर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का प्रभावी ढंग से उपयोग करने पर जोर देते हुए मंगलवार को कहा कि इससे संस्थाएं बेहतर परिणाम ला सकेंगी तथा अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही के द्वारा सुशासन सुनिश्चित हो सकेगा।
नौवें राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा, ‘‘ हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रमुख वैश्विक चुनौतियों का समाधान भारत से निकले।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बदलते परिप्रेक्ष्य में, हमें अपनी संस्थाओं के भीतर विज्ञान और प्रौद्योगिकी का प्रभावी ढंग से उपयोग करना चाहिए ताकि हमारी संस्थाएं प्रभावी परिणाम ला सकें।’’
लोकसभा सचिवालय के बयान के अनुसार, बिरला ने कहा कि डिजिटल माध्यमों से विधानमंडलों को जनता के साथ जोड़कर अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही लायी जा सकती है और सुशासन सुनिश्चित किया जा सकता है।
बिरला ने कहा कि भारत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई विकसित देशों से आगे है और डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से भ्रष्टाचार में उल्लेखनीय कमी आई है।
लोकसभा अध्यक्ष ने पीठासीन अधिकारियों से आग्रह किया कि ‘एक राष्ट्र एक विधायी मंच’ को लागू किया जाए और विधायकों का क्षमता निर्माण भी किया जाए, जिससे न केवल विधानमंडलों की प्रभाव क्षमता में सुधार होगा, बल्कि विधानमंडलों और जनता के बीच की दूरी भी कम होगी।
बिरला ने कहा, ‘‘ यदि हम अपने देश को विकास और समृद्धि के पथ पर ले जाना चाहते हैं, तो हमें वर्तमान समय की प्रासंगिकता और आवश्यकताओं के अनुरूप अप्रचलित कानूनों के स्थान पर नए कानून लाने होंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हम कानूनों में आवश्यक परिवर्तन करके, पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था के साथ लोगों के जीवन में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन करते हुए विकसित भारत की ओर आगे बढ़ेंगे। ’’
बिरला ने विधानमंडलों की गरिमा और मर्यादा में गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इनकी गरिमा इस बात पर निर्भर करती है कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए विधि निर्माता सदन में कैसा व्यवहार करते हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधानमंडलों की गरिमा और प्रतिष्ठा तभी बढ़ेगी जब जन प्रतिनिधि देश और समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा और संवाद करेंगे।
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