देश की खबरें | प्रभावी एडिटिव से रॉकेट को और अधिक पेलोड अंतरिक्ष में ले जाने में मिल सकती है मदद

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर के वैज्ञानिकों ने रॉकेट के प्रणोदकों (प्रोपेलैंट) के लिए एक अत्यंत प्रभावशाली एडिटिव विकसित किया है जो ईंधन के प्रभावी भार को कम कर सकता है और इस कारण अंतरिक्ष में अधिक पेलोड ले जाये जा सकते हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, सात दिसंबर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर के वैज्ञानिकों ने रॉकेट के प्रणोदकों (प्रोपेलैंट) के लिए एक अत्यंत प्रभावशाली एडिटिव विकसित किया है जो ईंधन के प्रभावी भार को कम कर सकता है और इस कारण अंतरिक्ष में अधिक पेलोड ले जाये जा सकते हैं।

थर्मोकिमिका एक्टा नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार नये किस्म के नैनो-एडिटिव रॉकेट की संचालन प्रणाली में इस्तेमाल ठोस प्रणोदकों के प्रदर्शन में अत्यंत विस्तार करता है।

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कबीर जसुजा और चिन्मय घोरोई समेत अन्य अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार ठोस प्रणोदकों को उनके प्रज्ज्वलन की दर, प्रदर्शन को सुधारने तथा ईंधन की ऊर्जा अधिकतम करने के लिए अनेक एडिटिव की जरूरत होती है।

अमोनियम परक्लोरेट जैसे परंपरागत रूप से इस्तेमाल में लाये जाने वाले ईंधन को जहां प्रदर्शन सुधारने के लिए कई एडिटिव की जरूरत होती है, वहीं वैज्ञानिकों के अनुसार नया एडिटिव ईंधन के कुल भार का 30 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है।

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ऐसे ही एक एडिटिव का नाम बोरोन है, लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार इसके प्रज्ज्वलित होने में बहुत देर लगती है और इसकी प्रज्ज्वलन दर कम होती है क्योंकि बोरोन ऑक्साइड की एक परत में तब्दील हो जाता है।

इस समस्या से उबरने के लिए जासुजा और आईआईटी गांधीनगर में शोधार्थी हरिनी गुप्ता ने एक प्रभावी बोरोन युक्त नैनो-एडिटिव तैयार किया।

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