देश की खबरें | शिक्षा मंत्री प्रधान ने एनसीईआरटी को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा देने की घोषणा की

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नयी दिल्ली, एक सितंबर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शुक्रवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) को ‘डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय’ का दर्जा दिये जाने की घोषणा की।

प्रधान ने एनसीईआरटी के 63वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह घोषणा की।

एनसीईआरटी भारत में स्कूली शिक्षा संबंधी सभी नीतियों पर काम करती है। यह शिक्षा से जुड़े विषय पर मंत्रालय को, विशेषकर स्कूली शिक्षा के संबंध में सलाह देने और नीति-निर्धारण में मदद करती है जिसमें नवाचार, पाठ्यक्रम एवं पाठ्यपुस्तक विकास कार्य भी शामिल है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज से एनसीईआरटी को औपचारिक रूप से डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ एनसीईआरटी को डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता मिल रही है।’’

प्रधान ने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस भी डीम्ड टू यूनिवर्सिटी है।

राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के दर्जे को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें एनसीईआरटी पर पूरा भरोसा है और यह संस्थान के कार्य पर निर्भर करता है।

बाद में धर्मेन्द्र प्रधान ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय का विषय एनसीईआरटी की पुरानी मांग एवं अपेक्षा थी।

उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी के पांच परिसर हैं और अलग अलग स्थानों पर क्षेत्रीय संस्थान भी हैं। परिषद महत्वपूर्ण शोध कार्य भी करती है।

प्रधान ने कहा कि एनसीईआरटी स्कूली शिक्षा, वयस्क शिक्षा और शिक्षक शिक्षा के स्तर पर अनेक कार्य करता है। परिषद प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा, स्कूली शिक्षा, वयस्क शिक्षा तथा शिक्षक शिक्षा का पाठ्यक्रम तैयार करने का कार्य कर रही है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह दर्जा (डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय) मिलने से आने वाले दिनों में यह संस्थान उन्नत शोध विश्वविद्यालय बन पायेगा, ऐसी अपेक्षा है।

वहीं, एनसीईआरटी के स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि बाल भवन का एनसीईआरटी में विलय किया जायेगा।

उन्होंने एनसीईआरटी, सीबीएसई और केंद्रीय विद्यालय से ‘जादुई पिटारा’ गीत को 22 ओं में तैयार करने को कहा।

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