जरुरी जानकारी | शिकागो में तेजी के रुख के बीच खाद्य तेलों की कीमतों में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. शिकागो एक्सचेंज में तेजी के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों एवं सोयाबीन तेल तिलहन तथा बिनौला तेल कीमतों में सुधार देखने को मिला। वहीं भाव अधिक होने के बीच कोई खास मांग न होने से मूंगफली तेल तिलहन और सीपीओ के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
नयी दिल्ली, पांच मई शिकागो एक्सचेंज में तेजी के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों एवं सोयाबीन तेल तिलहन तथा बिनौला तेल कीमतों में सुधार देखने को मिला। वहीं भाव अधिक होने के बीच कोई खास मांग न होने से मूंगफली तेल तिलहन और सीपीओ के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
बाजार सूत्रों ने बताया कि शिकॉगो एक्सचेंज में कल रात काफी तेजी थी और सोयाबीन डीगम के भाव में करीब 45 डॉलर की मजबूती देखने को मिली और फिलहाल यह 0.2 प्रतिशत मजबूत है। मलेशिया एक्सचेंज बृहस्पतिवार को कारोबार के लिए खुला और यहां फिलहाल लगभग एक प्रतिशत की तेजी है।
सूत्रों ने कहा कि बाजार में ऐसी अफवाह है कि खाद्यतेलों की आपूर्ति को बढ़ाने के लिए आयात शुल्क में कमी के बारे में विचार किया जा सकता है। सूत्रों का मानना है कि पहले भी यह तरीका कामयाब नहीं रहा है क्योंकि शुल्क में की गई कमी के बराबर विदेशों में खाद्यतेलों के दाम बढ़ा दिये जाते रहे हैं जिससे उपभोक्ताओं को कोई फायदा नहीं होता।
उसने कहा कि सरकार तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देकर और किसानों को प्रोत्साहित करके इस समस्या से स्थायी तौर पर निजात पा सकती है।
सूत्रों ने कहा कि इंडोनेशिया द्वारा निर्यात पर पाबंदी लगाने के बाद 1-5 मई के बीच मलेशिया से पामतेल का निर्यात करीब 74 प्रतिशत बढ़ गया है।
सूत्रों ने कहा कि बिजली संकट की स्थिति को देखते हुए बिजली कटौती किये जाने की बात बाजार में चल रही है लेकिन केन्द्र सरकार को अपनी तरफ से राज्य सरकारों को अपील जारी करना चाहिये कि तेल मिलों को इस कटौती के दायरे से बाहर रखा जाये क्योंकि मंडियों में ताजा फसल की आवक हुई है और तेल पेराई का काम जोर शोर से जारी है।
उसने कहा कि भाव ऊंचा होने से विदेशों से खाद्यतेलों का आयात पहले ही प्रभावित है और ऐसे में बिजली कटौती के कारण तेल मिलों का काम रुकने से खाद्यतेलों का संकट गंभीर हो सकता है।
सूत्रों ने कहा कि बेहद कम कारोबार के बीच सीपीओ का भाव पूर्वस्तर पर बना रहा जबकि शिकागो के मजबूत रहने से पामोलीन के भाव में मामूली सुधार आया। आवक घटने से सोयाबीन दाना इसके तेल तिलहन कीमतों में सुधार आया। बिनौला तेल कीमत में भी मामूली सुधार आया।
बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 7,815-7,865 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 7,160 - 7,295 रुपये प्रति क्विंटल। मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,550 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,735 - 2,925 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 15,700 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,465-2,545 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,505-2,615 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 17,250 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 16,800 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 15,550 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 15,400 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 16,000 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 16,900 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 15,650 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 7,050-7,150 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज 6,750- 6,850 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2022 08:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

