जरुरी जानकारी | स्थानीय मांग कमजोर होने से खाद्य तेल-तिलहनों के भाव टूटे, निर्यात मांग से मूंगफली सुधरा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मूंगफली तेल के निर्यात की भारी मांग होने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को मूंगफली तेल तिलहन के भाव में पर्याप्त बढ़त देखी गई जबकि गर्मियों में स्थानीय मांग कमजोर होने से सरसों, सोयाबीन तेल तिलहन, सीपीओ, पामोलीन, बिनौला खाद्य तेल कीमतों में गिरावट आई। बाकी तेल तिलहनों के भाव जस-के-तस बने रहे।
नयी दिल्ली, 28 मई मूंगफली तेल के निर्यात की भारी मांग होने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को मूंगफली तेल तिलहन के भाव में पर्याप्त बढ़त देखी गई जबकि गर्मियों में स्थानीय मांग कमजोर होने से सरसों, सोयाबीन तेल तिलहन, सीपीओ, पामोलीन, बिनौला खाद्य तेल कीमतों में गिरावट आई। बाकी तेल तिलहनों के भाव जस-के-तस बने रहे।
बाजार सूत्रों ने बताया कि विदेशों में मूंगफली तेल की मांग होने की वजह से निर्यातक गुजरात में मूंगफली तेल 160 रुपये प्रति किलो के भाव पर खरीद रहे हैं। इस निर्यात मांग के कारण मूंगफली तेल तिलहन के भाव मजबूत हुए। लेकिन स्थानीय मांग कमजोर होने से बाकी खाद्य तेल तिलहनों की कीमतों में नरमी दर्ज की गई।
सूत्रों ने दावा किया कि खाद्यतेल तिलहनों के थोक भाव में गिरावट आई है। यह पूछे जाने पर कि गिरावट के बावजूद आम उपभोक्ताओं को 190-210 रुपये लीटर या उससे अधिक कीमत पर सरसों तेल क्यों मिल रहा है, सूत्रों ने कहा कि थोक भाव में कमी आई है। थोक विक्रेता आगे आपूर्ति करने के लिए खुदरा कंपनियों को 152 रुपये लीटर (अधिभार सहित) के हिसाब से आपूर्ति कर रहे हैं। लेकिन खुदरा कंपनियां इस कीमत में मनमानी वृद्धि कर रही हैं जिस पर अंकुश लगाने के बारे में सरकार को सोचना चाहिये।
उन्होंने कहा कि छापेमारी के काम में लगे लोग बाजार में घूम कर खुदरा विक्रेता कंपनियों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) की जांच करें तो समस्या सुलझने लगेगी। लेकिन अगर खुदरा बिक्री कंपनियां एक सीमा से अधिक जाकर मनमाना पैसा वसूल करने पर उतारू हो जायें तो बढ़ती मुद्रास्फीति को संभालना मुश्किल होगा।
सूत्रों ने कहा कि थोक बिक्री मूल्य के हिसाब से खुदरा में सरसों तेल अधिकतम 158-165 रुपये लीटर तथा सोयाबीन तेल अधिकतम 170-172 रुपये लीटर मिलना चाहिये। इस कीमत पर उपभोक्ताओं को खाद्य तेल आपूर्ति के लिए सरकार को यथासंभव प्रयास करना होगा।
बाजार में मांग नहीं होने से सीपीओ और पामोलीन तेल के भाव गिरावट के साथ बंद हुए।
शनिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 7,415-7,465 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,710 - 6,845 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,000 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,670 - 2,860 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 14,850 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,335-2,415 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,375-2,485 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 16,400 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,750 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 14,800 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 14,500 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,950 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 16,000 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 14,850 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 6,800-6,900 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज 6,500- 6,600 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 28, 2022 07:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

