जरुरी जानकारी | कमजोर मांग से खाद्य तेल-तिलहनों के भाव टूटे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. महंगा होने के कारण विदेशी खाद्य तेलों का आयात कम रहने के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल कीमतों में गिरावट आई। ऊंचे भाव पर मांग में साधारण गिरावट के बीच कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल तथा सोयाबीन तेल-तिलहन की कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुईं।
नयी दिल्ली, 10 मई महंगा होने के कारण विदेशी खाद्य तेलों का आयात कम रहने के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल कीमतों में गिरावट आई। ऊंचे भाव पर मांग में साधारण गिरावट के बीच कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल तथा सोयाबीन तेल-तिलहन की कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुईं।
बाजार सूत्रों ने बताया कि मलेशिया एक्सचेंज में 1.5 प्रतिशत की गिरावट थी, जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में 0.23 प्रतिशत की तेजी है।
सूत्रों ने कहा कि विदेशी तेलों के महंगे होने से इन खाद्य तेलों का आयात प्रभावित है और इस बार देश में सरसों सहित अन्य देशी तेलों का अच्छा उत्पादन हुआ है, जो आयातित खाद्य तेलों की कमी को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित पूरे उत्तर भारत में सरसों तेल और सरसों रिफाइंड तेल की भारी मांग है। लेकिन आगे जाकर सरसों के मामले में दिक्कत आ सकती है, इसलिए यह बेहद महत्वपूर्ण है कि हाफेड (जिनकी दो तेल मिलें भी हैं) बाजार भाव पर खरीद कर सरसों का स्टॉक तैयार करे, जो संकट के समय काम आयेगा। सरसों तेल का दूसरा कोई विकल्प नहीं है। इस बार सबसे सस्ता होने से सरसों की भारी खपत है और गरीब उपभोक्ताओं को भी यह सुलभ हो रहा है।
सूत्रों ने कहा कि तेल-तिलहन मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करने लिए देश में तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर सरकार को जोर देना चाहिये। किसानों को अच्छा दाम मिलता रहे तो वे खुद उत्पादन बढ़ाने की कोशिश करेंगे। सरकार को केवल बाजार की निगरानी रखते हुए समय-समय पर किसानों के हितों को साधते रहना होगा।
सूत्रों ने कहा कि आयातित तेल महंगा होने के कारण मांग साधारण रहने की वजह से सोयाबीन तेल तिलहन, पामोलीन दिल्ली और पामोलीन कांडला तेल की कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।
मंगलवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 7,590-7,640 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,860 - 6,995 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,800 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,645 - 2,835 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 15,250 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,400-2,480 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,440-2,550 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 17,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 16,400 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 15,450 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 15,200 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,600 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 16,750 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 15,600 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 7,050-7,150 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज 6,750- 6,850 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 10, 2022 07:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

