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जरुरी जानकारी | विदेशों में मजबूती से खाद्य तेल तिलहनों में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में सुधार के रुख के बीच शुक्रवार को दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में लगभग सभी तेल-तिलहन कीमतों में मजबूती रही। इससे सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन, बिनौला तेल तेल कीमतों में सुधार देखने को मिला।

जरुरी जानकारी | विदेशों में मजबूती से खाद्य तेल तिलहनों में सुधार

नयी दिल्ली, 16 जून विदेशी बाजारों में सुधार के रुख के बीच शुक्रवार को दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में लगभग सभी तेल-तिलहन कीमतों में मजबूती रही। इससे सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन, बिनौला तेल तेल कीमतों में सुधार देखने को मिला।

मलेशिया एक्सचेंज में 6.67 प्रतिशत की तेजी थी जबकि शिकॉगो एक्सचेंज बृहस्पतिवार रात में चार प्रतिशत मजबूत बंद होने के बाद मजबूती पर रहा।

कारोबारी सूत्रों के मुताबिक, कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार चालू खरीफ सत्र के शुरुआती चरण में 16 जून तक एक ओर जहां धान, दलहन और तिलहन की बुवाई का रकबा घटा है वहीं कपास के साथ साथ मोटे अनाजों के बुवाई के रकबे में वृद्धि हुई है। यह कोई अच्छा संकेत नहीं है।

तिलहन खेती का रकबा पिछले साल इसी समय तक 4.80 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 16 जून, 2023 तक 4.11 लाख हेक्टेयर है। मोटे अनाज की खेती का रकबा पहले के 7.57 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 16 जून तक 12.43 लाख हेक्टेयर हो गया है।

सूत्रों ने इसे हैरान करने वाला आंकड़ा बताते हुए कहा कि यह तिलहन के प्रति किसानों की घटती रुचि का भी संकेत हो सकता है। इस ओर सरकार को ध्यान देना चाहिये क्योंकि खाद्य तेल के लिए आयात पर निर्भर होना ठीक नहीं है और विदेशों की घट बढ़ पर भरोसा करना फायदेमंद नहीं हो सकता।

सूत्रों ने कहा कि तेल तिलहन कारोबार से डेयरी उद्योग और मुर्गीपालन क्षेत्र का भी करीबी रिश्ता है क्योंकि देशी तिलहन से ही मवेशियों के आहार- तेल खल और मुर्गीदाने के लिए डीआयल्ड केक (डीओसी) मिलते हैं। इनका आयात भी मुश्किल है। सरकार को देशी तेल तिलहन का बाजार बनाने की ओर पूरा ध्यान देना चाहिये।

सूत्रों के मुताबिक, विदेशों में बाजार कुछ ठीक भी हुआ है क्योंकि जिस सूरजमुखी तेल का भाव पहले 880 डॉलर प्रति टन था वह सुधार के साथ 980 डॉलर प्रति टन हो गया है। हालांकि पिछले वर्ष मई में इस तेल की कीमत 2,500 डॉलर प्रति टन थी लिहाजा 980 डॉलर का मौजूदा भाव अब भी काफी सस्ता है।

शुक्रवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 4,845-4,945 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,525-6,585 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,350 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,440-2,715 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,450 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,605 -1,685 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,605 -1,715 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,250 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,850 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,450 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,500 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,190-5,265 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,965-5,040 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 16, 2023 09:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).