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जरुरी जानकारी | नेपाल के रास्ते शुल्कमुक्त आयात बढ़ने से खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार समझौते (साफ्टा) के तहत नेपाल के रास्ते खाद्य तेलों का शुल्कमुक्त आयात बढ़ने के कारण देश के थोक तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को सभी तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट दर्ज हुई तथा सरसों, मूंगफली एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम हानि दर्शाते बंद हुए। सीमित मांग के बीच बिनौला तेल पूर्वस्तर पर बने रहे।

जरुरी जानकारी | नेपाल के रास्ते शुल्कमुक्त आयात बढ़ने से खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट

नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार समझौते (साफ्टा) के तहत नेपाल के रास्ते खाद्य तेलों का शुल्कमुक्त आयात बढ़ने के कारण देश के थोक तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को सभी तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट दर्ज हुई तथा सरसों, मूंगफली एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम हानि दर्शाते बंद हुए। सीमित मांग के बीच बिनौला तेल पूर्वस्तर पर बने रहे।

शिकॉगो एक्सचेंज और मलेशिया एक्सचेंज में तेजी रही।

बाजार सूत्रों ने कहा कि साफ्टा समझौते के तहत साफ्टा के देशों से शुल्कमुक्त आयात की छूट का लाभ लेते हुए देश में सूरजमुखी, सोयाबीन रिफाइंड और पामोलीन जैसे खाद्य तेलों का आयात बढा है जबकि देश के तेल-तिलहन उद्योग की रक्षा करने तथा खरीफ तिलहन फसलों की आवक शुरू होने के बीच देशी तेल-तिलहन को प्रतिस्पर्धा में रखने के मकसद से आयातित तेलों पर हाल ही में आयात शुल्क बढ़ाया गया था। इस वृद्धि के तहत कच्चे खाद्य तेल पर 27.5 प्रतिशत का आयात शुल्क और पामोलीन पर आयात शुल्क को 35 प्रतिशत किया गया था। लेकिन नेपाल के रास्ते शुल्कमुक्त खाद्य तेल का आयात बढ़ने के बाद स्थिति फिर से पलट गई है और देशी तेल-तिलहन उद्योग, मिलों और किसानों पर इसका असर आने से बचना मुश्किल हो रहा है।

सूत्रों ने कहा कि सरकार को इस स्थिति को संभालने के लिए इन शुल्कमुक्त आयातित खाद्य तेल को नेपाल सीमा से लगे बिहार, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में राशन दुकानों के जरिये वितरित करवाने के बारे में सोचना चाहिये। इससे इन राज्यों में उपभोक्ताओं को सस्ता तेल भी मिल जायेगा और मुक्त व्यापार संधि पर भी कोई असर नहीं आयेगा।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,375-6,425 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,250-6,525 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,750 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,240-2,540 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,075 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,110-2,210 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,110-2,225 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,075 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,625 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,925 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,200 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,300 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,250 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,550-4,595 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,250-4,485 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,200 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 21, 2024 09:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).