नयी दिल्ली, 27 अप्रैल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चेन्नई स्थित चेट्टीनाड समूह की एक कंपनी की 360 करोड़ रुपये की सावधि जमा को जब्त कर लिया है। ईडी ने यह कार्रवाई समूह और सरकारी क्षेत्र की कंपनी ‘तमिलनाडु जेनरेशन एंड डिस्ट्रब्यूशन कॉरपोरेशन’ (टीएएनजीईडीसीओ) के खिलाफ छापेमारी के बाद की। एजेंसी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
ईडी ने टीएएनजीईडीसीओ की कथित धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन के मामले में 24 अप्रैल को 10 स्थानों पर छापेमारी की थी। यह मामला विशाखापत्तनम बंदरगाह से कोयले की ढुलाई की एवज़ में अधिक भुगतान का दावा करने और इस प्रकार टीएएनजीईडीसीओ के साथ धोखाधड़ी करने से संबंधित है।
तमिलनाडु सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-रोधी निदेशालय की प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियिम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया है।
ईडी ने चेट्टीनाड समूह की कंपनी साउथ इंडिया कॉरपोरेशन (एसआईसी), टीएएनजीईडीसीओ के पूर्व निदेशक (कोयला), कुछ सरकारी अधिकारियों और एसआईसी एंड वेस्टर्न एजेंसीज (मद्रास) प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधन के अहम अधिकारियों के 10 परिसरों पर छापेमारी की थी।
ईडी ने कहा है कि साउथ इंडिया कॉरपोरेशन के 360 करोड़ रुपये की सावधि जमा राशि जब्त करने के अलावा डिजिटल साक्ष्य और संपत्ति के कागजात सहित आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
केंद्रीय एजेंसी ने आरोप लगाया है कि 2001 से 2019 के बीच टीएएनजीईडीसीओ के अधिकारियों की मिलीभगत की वजह से सरकारी कंपनी को ‘नुकसान’ हुआ है।
लगभग 100 साल पुराने चेट्टीनाड समूह की मौजूदगी सीमेंट निर्माण, रसद और निर्माण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में है।
आयकर विभाग ने दिसंबर 2020 में कंपनी की तलाशी ली थी और 700 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी का पता लगाने का दावा किया था। आयकर विभाग के प्रशासनिक प्राधिकरण केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस संबंध में एक बयान जारी किया था और इन छापों के दौरान 23 करोड़ रुपये की 'बेहिसाब' नकदी जब्त करने का दावा किया था।
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