देश की खबरें | एमयूडीए मामले में ईडी ने भाजपा के इशारे पर जारी किया बयान: सिद्धरमैया

बेंगलुरु, 20 जनवरी कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोमवार को कहा कि एमयूडीए भूमि आवंटन मामले में ईडी का बयान राजनीति से प्रेरित है।

मुख्यमंत्री, उनकी पत्नी पार्वती बी. एम. और उनके भाई मल्लिकार्जुन स्वामी तथा अन्य लोग अदालत के निर्देश पर लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज मामले में आरोपी हैं।

प्रवर्तन निदेशालय ने 17 जनवरी को कहा कि उसने सिद्धरमैया और अन्य से संबंधित धन शोधन मामले में लगभग 300 करोड़ रुपये मूल्य की 142 अचल संपत्तियां कुर्क कीं।

ईडी कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा की शिकायत के आधार पर भी मामले की जांच कर रही है।

सिद्धरमैया ने यहां संवाददाताओं से कहा, "ईडी की प्रेस विज्ञप्ति से मेरा कोई संबंध नहीं है। वे (ईडी) राजनीतिक कारणों से जानबूझकर और अनावश्यक रूप से ऐसा कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "ईडी ने भाजपा के इशारे पर विज्ञप्ति जारी की है। यह राजनीति से प्रेरित है।"

संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि जब्त की गई संपत्तियां विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर पंजीकृत हैं जो रियल एस्टेट व्यवसायी और एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं।

बयान में कहा गया है, "आरोप है कि सिद्धरमैया (एक कांग्रेस नेता) ने एमयूडीए द्वारा अधिग्रहित 3 एकड़ 16 गुंटा भूमि के बदले अपनी पत्नी श्रीमती बीएम पार्वती के नाम पर 14 भूखंडों के लिए मुआवजा दिलाने के सिलसिले में अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया।"

एजेंसी ने कहा, "इस भूमि को मूल रूप से एमयूडीए ने 3,24,700 रुपये में अधिग्रहित किया था। पॉश इलाके में 14 भूखंडों के लिए मुआवजे की कीमत 56 करोड़ रुपये है।"

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