देश की खबरें | ईडी ने महाराष्ट्र के पूर्व विधायक के खिलाफ को-ऑपरेटिव बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपपत्र दायर किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महाराष्ट्र के पूर्व विधायक विवेकानंद शंकर पाटिल एवं अन्य के खिलाफ पनवेल के एक को-ऑपरेटिव बैंक में 512 करोड़ रुपये से अधिक के कथित फर्जीवाड़े से जुड़े धनशोधन मामले में आरोपपत्र दायर किया है। यह जानकारी बृहस्पतिवार को एजेंसी ने दी।
नयी दिल्ली, 12 अगस्त प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महाराष्ट्र के पूर्व विधायक विवेकानंद शंकर पाटिल एवं अन्य के खिलाफ पनवेल के एक को-ऑपरेटिव बैंक में 512 करोड़ रुपये से अधिक के कथित फर्जीवाड़े से जुड़े धनशोधन मामले में आरोपपत्र दायर किया है। यह जानकारी बृहस्पतिवार को एजेंसी ने दी।
अभियोजन की शिकायत या आरोपपत्र को मुंबई की विशेष अदालत में दायर किया गया है जो धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ईडी द्वारा दायर मामलों पर सुनवाई करती है।
ईडी का मामला पाटिल एवं 75 अन्य लोगों के खिलाफ पिछले वर्ष फरवरी में नवी मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। इसमें रायगढ़ जिले के पनवेल में स्थित करनाला नागरी सहकारी बैंक में 512.54 करोड़ रुपये की अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा में ‘पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी’ के प्रतिनिधि पाटिल इस बैंक के पूर्व अध्यक्ष भी रहे हैं।
ईडी ने बयान में आरोप लगाए, ‘‘भारतीय रिजर्व बैंक के 2019-20 के दौरान ऑडिट में धोखाधड़ी का यह मामला सामने आया, जिसमें पता चला कि पाटिल 63 फर्जी ऋण खातों के माध्यम से कोष का गबन कर रहे हैं।’’
इसने कहा, ‘‘धोखाधड़ी 2008 से चल रही थी। यह पाया गया कि बैंक का प्रबंधन पाटिल के नियंत्रण में था।’’
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