देश की खबरें | ईडी ने पटना रेलवे दावा न्यायाधिकरण ‘धोखाधड़ी’ मामले में वकीलों, अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को कहा कि उसने बिहार के कुछ वकीलों और अन्य के खिलाफ धनशोधन के एक मामले में आरोप पत्र दाखिल किया है। यह मामला उन मृत व्यक्तियों के धन की कथित हेराफेरी से जुड़ा है जिनके दावों का निपटारा पटना स्थित रेलवे दावा न्यायाधिकरण द्वारा किया गया था।
नयी दिल्ली, 22 मार्च प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को कहा कि उसने बिहार के कुछ वकीलों और अन्य के खिलाफ धनशोधन के एक मामले में आरोप पत्र दाखिल किया है। यह मामला उन मृत व्यक्तियों के धन की कथित हेराफेरी से जुड़ा है जिनके दावों का निपटारा पटना स्थित रेलवे दावा न्यायाधिकरण द्वारा किया गया था।
संघीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि उसने जांच के तहत 8.02 करोड़ रुपये मूल्य की 24 अचल संपत्तियों को भी कुर्क किया है। हालांकि, उसने यह नहीं बताया कि इन कुर्क संपत्तियों का मालिक कौन है।
आरोप पत्र अधिवक्ताओं - विद्यानंद सिंह, परमानंद सिन्हा, विजय कुमार और कुमारी रिंकी सिन्हा के अलावा अर्चना सिन्हा, निर्मला कुमारी तथा हरिजग बिजनेस एंड डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दाखिल किया गया है।
पटना की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने शुक्रवार को अभियोजन पक्ष की शिकायत (आरोप पत्र) पर संज्ञान लिया।
आरोप पत्र में सूचीबद्ध लोगों या उनके कानूनी प्रतिनिधियों से ईडी द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए इन आरोपों पर टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं किया जा सका।
धन शोधन का यह मामला पटना स्थित रेलवे दावा न्यायाधिकरण में दायर और निपटाए गए मृत्यु दावा मामलों में ‘‘बड़े पैमाने पर अनियमितता’’ के संबंध में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी पर आधारित है।
एजेंसी ने कहा कि अधिवक्ता विद्यानंद सिंह और उनके वकीलों की टीम ने 900 से अधिक दावों का निपटारा कराया, जहां न्यायाधीश आर.के. मित्तल की अदालत द्वारा आदेश जारी किए गए थे।
आरोप है कि विद्यानंद सिंह और उनकी टीम ने दावेदारों की जानकारी के बिना उनके बैंक खाते खोले और उनका संचालन किया।
ईडी ने आरोप लगाया कि उन्होंने रेलवे से प्राप्त दावा राशि को अपने खातों में स्थानांतरित करने या नकद निकासी करने के लिए इन दावेदारों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल किया।
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