देश की खबरें | बहुस्तरीय मार्केटिंग फर्जी योजना में ईडी ने दो को किया गिरफ्तार
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नयी दिल्ली, 17 दिसंबर प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को कहा कि उसने जमाकर्ताओं के कथित रूप से 1,500 करोड़ रुपये की हेराफेरी से जुड़े धन शोधन मामले में एक बहुस्तरीय विपणन कंपनी के दो प्रवर्तकों को गिरफ्तार किया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बयान जारी कर बताया कि गिरफ्तार किये गये दोनों प्रोमोटरों की पहचान सी ए अंजार और अभिलाष थॉमस के रूप में की गयी है, दोनों बेंगलुरु के रहने वाले हैं और इंडसविवा मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) पिरामिड योजना के सह-संस्थापक और मालिक है।
बयान में कहा गया है कि इन दोनों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है और दोनों को तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले की एक विशेष अदालत में पेश किया गया ।
जांच एजेंसी ने बताया कि अदालत ने उन्हें 30 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
प्रवर्तन निदेशालय ने कंपनी और अन्य के खिलाफ साइबराबाद पुलिस की प्राथमिकी के आधार पर पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया थ ।
ईडी ने कहा कि अपनी ‘‘धोखाधड़ी’’ योजना को वैध व्यवसाय के रूप में पेश करने के लिए उन्होंने कुछ उत्पाद पेश किए, जो कि उनके स्वयं के बिक्री राजस्व का केवल 20 प्रतिशत मूल्य था और वास्तव मे ये उत्पाद ‘‘पूरी तरह से बेकार’’थे।
बयान में कहा गया है, ‘‘नए ग्राहकों द्वारा भुगतान किए गए सदस्यता शुल्क का इस्तेमाल पुराने ग्राहकों को कमीशन देने के लिए किया गया था। झूठे वादे और प्रलोभन देकर, कंपनी ने लगभग 10 लाख सदस्यों को नामांकित किया और अपनी स्थापना के बाद से लगभग 1,500 करोड़ रुपये एकत्र किए।’’
जांच में पाया गया, ‘‘सी ए अंजार और अभिलाष थॉमस ने इंडसविवा समूह में सहायक कंपनियां बनायी और इन संस्थाओं को धन दिया तथा एकत्रित धन को अपने व्यक्तिगत खातों में भी स्थानांतरित कर दिया।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘स्थानांतरित किए गए फंड का इस्तेमाल व्यक्तियों और कंपनियों के नाम पर संपत्ति हासिल करने के लिए किया गया।’’
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