नयी दिल्ली, पांच प्रवर्तन निदेशालय ने सार्वजनिक उपक्रम को कोयले की अधिक मूल्य पर बिक्री से संबंधित धन शोधन के मामले में चेन्नई की कंपनी के प्रवर्तक को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान एआर बुहारी के तौर पर की गई है जो कोस्टल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (सीईपीएल) का प्रवर्तक है।
ईडी ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया, ‘‘ बुहारी कोस्टल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (चेन्नई), कोस्टल एनेर्जेन प्राइवेट लिमिटेड, कोल एंड ऑयल ग्रुप (दुबई) और मॉरीशस एवं ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड की ऑफशोर कंपनियों को नियंत्रित करता था।’’
ईडी ने बताया कि सार्वजनिक उपक्रम को ‘ कम गुणवत्ता के कोयले’ की आपूर्ति की गई जबकि सीईपीएल या एमएमटीसी (मेटल्स एंड मिनरल ट्रेडिंग कॉरपोरेशन) द्वारा निविदा में उच्च गुणवत्ता के कोयले की जानकारी दी गई थी और इसके कोयले की आपूर्ति सीधे तौर पर सीईपीएल द्वारा या एमएमटीसी के जरिये की गई।’’
एजेंसी ने बताया कि निम्न गुणवत्ता के कोयले का ‘ अधिक मूल्य’ लगाया गया और यह नमूना विश्लेषण प्रमाण पत्र और कोयले की गुणवत्ता खराब बताने वाले वास्तविक प्रमाणपत्र में ‘फर्जीवाड़ा’ कर किया गया।
ईडी ने आरोप लगाया है कि बुहारी ने इस ‘अपराध’ से करीब 564.48 करोड़ रुपये की कमाई की और इसमें से 557.25 करोड़ रुपये की राशि सीईपीएल और सीएनओ ग्रुप की कंपनियों के जरिये धनशोधन किया।
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