शुरुआती नतीजे अच्छे होने के कारण प्लाज्मा थेरेपी का क्लिनिकल ट्रायल नहीं रोकेंगे : केजरीवाल
इस घोषणा से कुछ दिनों पहले केंद्र ने कहा था कि कोरोना वायरस मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी प्रायोगिक चरण में है और इससे जीवन के लिए घातक जटिलताएं पैदा होने की आशंका है।
नयी दिल्ली, एक मई मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली सरकार गंभीर रूप से बीमार कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी के क्लिनिकल ट्रायल को नहीं रोकेगी क्योंकि उसके शुरुआती नतीजे अच्छे हैं।
इस घोषणा से कुछ दिनों पहले केंद्र ने कहा था कि कोरोना वायरस मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी प्रायोगिक चरण में है और इससे जीवन के लिए घातक जटिलताएं पैदा होने की आशंका है।
ऑनलाइन प्रेस वार्ता में केजरीवाल ने कहा कि एक मरीज जिसकी हालत गंभीर थी, उसे प्लाज्मा थेरेपी देने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। साथ ही कहा कि दिल्ली सरकार को केंद्र से लोक नायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में परीक्षण करने की अनुमति मिल गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर की जा रही जांच के चलते राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के मामले ज्यादा हैं।
केजरीवाल ने कहा कि केंद्र के बयान के बाद प्लाज्मा थेरेपी को लेकर भ्रम था और कहा कि उन्हें फोन कॉल आने शुरू हो गए कि क्या दिल्ली सरकार इनका परीक्षण रोक देगी।
उन्होंने कहा, “हम प्लाज्मा थेरेपी के क्लिनिकल ट्रायल को नहीं रोकने वाले हैं। हमें थेरेपी के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। हालांकि यह प्रायोगिक स्तर पर है। इस थेरेपी के परिणाम अब तक अंतिम नहीं हैं। हमें उम्मीद है कि हमें जल्द ही समाधान मिल जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने कहा है कि जिन्हें प्लाज्मा थेरेपी परीक्षण कराने को लेकर उसकी अनमुति प्राप्त है वे आगे बढ़ सकते हैं लेकिन जिनके पास आवश्यक अनुमति नहीं है, उन्हें यह नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कोविड-19 से ठीक हुए 1,100 लोगों से जिंदगियां बचाने के लिए अपना प्लाज्मा दान करने की अपील की है।
केजरीवाल ने कहा, “मुझे खुशी है कि कोविड-19 से ठीक हुए लगभग सभी लोग अपना प्लाज्मा दान करने के लिए तैयार हैं। मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं।”
दिल्ली में बृहस्पतिवार रात तक कोविड-19 के 3,515 मामले सामने आए जिनमें से 1,100 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 2,362 लोगों का अब भी इलाज चल रहा है जबकि अब तक 59 लोगों की मौत हो चुकी है।
केजरीवाल ने कहा, “जब हम यह संख्या देखते हैं तो ऐसा लगता है कि दिल्ली में मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि दिल्ली में हम बड़े पैमाने पर जांच कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “हम दिल्ली में प्रत्येक 10 लाख लोगों पर 2,300 कोविड-19 जांच कर रहे हैं जबकि देश में प्रत्येक 10 लाख पर करीब 500 जांच हो रही है।”
केजरीवाल ने कहा कि सरकार और निषिद्ध क्षेत्रों की पहचान कर रही है लेकिन यह संख्या पिछले कुछ दिनों में घटी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के कोटा में फंसे दिल्ली के छात्रों को वापस लाने के लिए, दिल्ली सरकार शुक्रवार को 40 बस भेजेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कोटा में फंसे छात्रों और उनके परिजन से कई अनुरोध प्राप्त हो रहे थे। हम उन्हें वापस लाने के लिए आज (शुक्रवार को) 40 बसें कोटा भेज रहे हैं। कल तक वह दिल्ली लौट आएंगे।”
उन्होंने कहा, “दिल्ली लौटने पर छात्रों को 14 दिन के लिए पृथक-वास में रहना होगा।”
केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार प्रवासी मजदूरों की आवाजाही के विषय पर अन्य राज्यों से बात कर रही है और जल्द ही विस्तृत योजना लेकर आएंगे।
उन्होंने प्रवासी मजदूरों से ‘जहां हैं, वही रहने’ और उचित योजना के क्रियान्वयन तक लॉकडाउन का पूरी तरह पालन करने की अपील की।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने दिल्ली में जरूरतमंदों को उपलब्ध कराए जा रहे मुफ्त राशन को दोगुना कर 10 किलोग्राम किए जाने और साबुन, तेल, नमक जैसी रोजाना के इस्तेमाल की चीजों वाली एक किट भी उनके बीच वितरित किए जाने की घोषणा की।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 01, 2020 04:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

