विदेश की खबरें | तुर्किये में हुए चुनावों के आरंभिक परिणामों में राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन को बढ़त
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

‘अनादोलु’ एजेंसी की खबर के अनुसार, एर्दोआन को 55 प्रतिशत वोट मिले हैं जबकि मुख्य विपक्षी दल के नेता कमाल किलिकडारोग्लू को 39 प्रतिशत मत हासिल हुए हैं।

आर्थिक संकट और लोकतांत्रिक व्यवस्था के विघटन से जूझ रहे तुर्किये में अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे संसदीय एवं राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए रविवार को मतदान हुआ।

इस चुनाव में कड़ा मुकाबला होने की संभावना है और यह तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन के लिए उनके दो दशक के कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

चुनाव परिणाम तय करेंगे कि एर्दोआन अगले पांच साल के लिए पद पर बने रहेंगे या देश उस पथ पर अग्रसर होगा जिसे प्रमुख विपक्षी दल अधिक लोकतांत्रिक बता रहे हैं।

इससे पहले जनमत सर्वेक्षणों में कहा गया था कि रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी के नेता और संयुक्त विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार किलिकडारोग्लू (74) को हल्की बढ़त मिल सकती है। अगर किसी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत से अधिक वोट नहीं मिलते हैं तो पहले दौर के शीर्ष दो उम्मीदवारों के बीच 28 मई को निर्णायक मुकाबला होगा।

इस चुनाव में विदेशों में बसे 34 लाख लोगों समेत 6.4 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान करने के योग्य थे।

किलिकडारोग्लू के छह दलों वाले गठबंधन ‘नेशन एलायंस’ ने कार्यकारी राष्ट्रपति प्रणाली को समाप्त करने और देश में संसदीय लोकतंत्र की वापसी का संकल्प लिया है।

उन्होंने न्यायपालिका और केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता स्थापित करने, संतुलन कायम करने और एर्दोआन के शासन के तहत मुक्त भाषण और असहमति की आवाज पर लगे प्रतिबंध हटाने का भी वादा किया है।

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