ताजा खबरें | भारतीय वायुयान विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर लगाया हिंदी थोपने का आरोप

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा में बृहस्पतिवार को भारतीय वायुयान विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान कुछ विपक्षी सदस्यों ने इस विधेयक के नाम को लेकर सरकार पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया वहीं सत्ता पक्ष ने इस आरोप को सिरे से नकारते हुए कहा कि यह कानून लगभग सभी पहलुओं को ध्यान में रख कर लाया गया है और ‘मेक इन इंडिया’ के लिए यह प्रासंगिक है।

नयी दिल्ली, पांच दिसंबर राज्यसभा में बृहस्पतिवार को भारतीय वायुयान विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान कुछ विपक्षी सदस्यों ने इस विधेयक के नाम को लेकर सरकार पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया वहीं सत्ता पक्ष ने इस आरोप को सिरे से नकारते हुए कहा कि यह कानून लगभग सभी पहलुओं को ध्यान में रख कर लाया गया है और ‘मेक इन इंडिया’ के लिए यह प्रासंगिक है।

भोजनावकाश के बाद राज्यसभा में भारतीय वायुयान विधेयक 2024 पर चर्चा को आगे बढ़ाया गया। उच्च सदन में यह विधेयक मंगलवार को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने पेश किया था। उन्होंने कहा था कि यह विधेयक कानून बनने पर 90 साल पुराने विमान अधिनियम की जगह लेगा तथा विमानन क्षेत्र के प्रमुख निकायों को ज्यादा शक्ति प्रदान करेगा।

लोकसभा ने इसी साल अगस्त महीने में भारतीय वायुयान विधेयक 2024 पारित किया था।

विधेयक पर चर्चा को आगे बढ़ाते हुए तृणमूल कांग्रेस की सागरिका घोष ने कहा कि सरकार को नाम बदलने का ‘बहुत शौक’ है। उन्होंने कहा कि पहले भारतीय दंड संहिता का नाम बदल कर भारतीय न्याय संहिता किया गया और अब विमान अधिनियम का नाम बदल कर भारतीय वायुयान अधिनियम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार गेम चेंजर नहीं बल्कि नेम चेंजर सरकार है।’’

उन्होंने सरकार पर हर जगह हिंदी थोपने का आरोप मढ़ा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पुराने कानूनों को बदल रही है लेकिन वह इस विधेयक में नागरिकों की सुरक्षा के बारे में मौन है। उन्होंने पूछा, ‘‘ऐसे में कानून बदलने का क्या मतलब होगा?’’

घोष ने कहा, ‘‘महंगाई के इस दौर में लोग हवाईजहाजों का किराया कैसे वहन करेंगे? विमानन क्षेत्र अमीरों के लिए नहीं बल्कि आम लोगों की जरूरत पूरी करने वाला होना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार क्या करेगी, इस बारे में विधेयक में कुछ नहीं कहा गया है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार हवाईअड्डों की संख्या बढ़ाने का दावा तो करती है लेकिन यह नहीं बताती कि इनमें से कितने हवाईअड्डे कार्यशील हैं।’’

इससे पहले, भाजपा के शंभुशरण पटेल ने कहा कि 2014 से पहले देश में 74 हवाईअड्डे थे जो 2024 में 157 हो गए हैं और अब साल 2047 में इनकी संख्या 300 से 400 तक करने की योजना है। उन्होंने कहा कि हवाई यात्रियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।

उन्होंने कहा कि ‘उड़ान’ (उड़े देश का आम नागरिक) योजना भी सरकार की एक अनूठी पहल है जिसने हवाई संपर्क बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है और इसके तहत एक लाख से अधिक उड़ाने संचालित की जा चुकी हैं।

पटेल ने कहा कि हवाई क्षेत्र में महिलाओं की संख्या पांच फीसदी है जो नारी सशक्तीकरण का एक बड़ा उदाहरण है।

भाजपा सदस्य ने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एयरलाइन मार्केट बन गया है और 19 नवंबर 2024 में रिकार्ड चार लाख 56 हजार 910 घरेलू यात्रियों ने यात्रा कर रिकॉर्ड बनाया है।

उन्होंने कहा कि ‘भारतीय वायुयान विधयेक, 2024’ कानून बनने पर 90 साल पुराने विमान अधिनियम की जगह लेगा तथा विमानन क्षेत्र के प्रमुख निकायों को ज्यादा शक्ति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से उभर रहे भारत के विमानन क्षेत्र के लिए यह विधेयक बेहद उपयोगी होगा।

उन्होंने कहा कि पहले के अधिनियम में कुछ भ्रम थे उनको दूर करने के लिए यह विधेयक लाया गया है।

द्रमुक सदस्य कनिमोझी एनवीएन शोमू ने विधेयक के शीर्षक का संदर्भ देते हुए कहा कि सरकार को उन लोगों पर हिंदी नहीं थोपना चाहिए जो हिंदी नहीं बोलते हैं।

उन्होंने कहा कि यह विधेयक केंद्र सरकार को किसी भी विमान या विमान की श्रेणी के डिजाइन, निर्माण, रख-रखाव, कब्जे, उपयोग, संचालन, बिक्री, निर्यात या आयात को विनियमित करने और सुरक्षित करने के लिए नियम बनाने का अधिकार देता है।

कनिमोझी ने कहा, ‘‘यह व्यवस्थाएं तो पहले से ही हैं। फिर सरकार क्या नया करने जा रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। सरकार को इस बारे में स्थिति स्पष्ट करना चाहिए कि वह विमानन क्षेत्र में ड्रोन का किस तरह उपयोग करना चाहती है।’’

उन्होंने कहा कि आज देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक भी विमानन स्कूल नहीं है और सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए ताकि पायलटों के प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था हो सके।

द्रमुक सदस्य ने कहा कि पानी की जो बोतल बाहर बीस रुपये में मिलती है वह हवाईअड्डे पर और विमान में बैठने के बाद सौ रुपये में मिलती है। उन्होंने कहा, ‘‘यह महंगाई की पराकाष्ठा है।’’

भाजपा के घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि सरकार किसी को किसी पर थोप नहीं रही है। उन्होंने कहा कि संविधान में प्रावधान है कि हिंदी में जो लिखा है, वह और उसका अंग्रेजी अर्थ दोनों को ही मान्यता होगी। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सभी ओं का सम्मान करते हैं और सरकार का इरादा किसी पर भी कोई थोपने का नहीं है।’’

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