जरुरी जानकारी | डिस्कॉम पर उत्पादक कंपनियों का बकाया जनवरी में घटकर आधा हुआ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) पर बिजली उत्पादकों (जेनको) का कुल बकाया जनवरी में लगभग आधा होकर 62,681.68 करोड़ रुपये पर आ गया है। जनवरी, 2022 में यह 1,21,030 करोड़ रुपये था।

नयी दिल्ली, आठ जनवरी बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) पर बिजली उत्पादकों (जेनको) का कुल बकाया जनवरी में लगभग आधा होकर 62,681.68 करोड़ रुपये पर आ गया है। जनवरी, 2022 में यह 1,21,030 करोड़ रुपये था।

विशेषज्ञों ने कहा कि डिस्कॉम के कुल बकाया में भारी कमी मुख्य रूप से सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों के कारण आई है। इन उपायों में विलंबित भुगतान अधिभार नियम और वितरण कंपनियों को समान मासिक किस्त (ईएमआई) में भुगतान की सुविधा प्रदान करना शामिल है।

प्राप्ति (पेमेंट रैटिफिकेशन एंड एनालिसिस इन पावर प्रोक्यूरमेंट फॉर ब्रिंगिंग ट्रांसपेरेंसी इन इन्वॉयसिंग ऑफ जेनरेटर्स) पोर्टल के अनुसार, डिस्कॉम का कुल बकाया जनवरी, 2023 में 62,681.68 करोड़ रुपये था, जिसमें 25,526.42 करोड़ रुपये का पुराना बकाया शामिल है। पुराने बकाये से आशय ऐसे बकाया से है जिसे डिस्कॉम द्वारा जेनको द्वारा दी गई 45 दिन की छूट (ग्रेस) की अवधि के बाद भी चुकाया नहीं गया है।

जनवरी, 2022 में डिस्कॉम का कुल बकाया 1,21,030 करोड़ रुपये था, जिसमें 1,01,357 करोड़ रुपये का पुराना बकाया शामिल है।

बिजली उत्पादक बिजली आपूर्ति के बिलों का भुगतान करने के लिए डिस्कॉम को 45 दिन का समय देते हैं। उसके बाद बकाया राशि पुराने बकाया में आ जाती है। उत्पादक ज्यादातर मामलों में उसपर दंडात्मक ब्याज वसूलते हैं।

जेनको और डिस्कॉम के बीच बिजली खरीद लेनदेन में पारदर्शिता लाने के लिए प्राप्ति पोर्टल मई, 2018 में शुरू किया गया था। पोर्टल को हाल ही में नया रूप दिया गया है।

इससे पहले नवंबर, 2022 में बिजली मंत्रालय ने कहा था कि बिजली (एलपीएस और संबद्ध मामले) नियम, 2022 के लागू होने से उत्पादन कंपनियों, पारेषण कंपनियों और व्यापारियों सहित आपूर्तिकर्ताओं के बकाया की वसूली में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।

राज्यों का कुल बकाया जो तीन जून, 2022 तक 1,37,949 करोड़ रुपये था, वह केवल चार ईएमआई के समय पर भुगतान के साथ 24,680 करोड़ रुपये घटाकर 1,13,269 करोड़ रुपये रह गया है।

पांच राज्यों ने 24,680 करोड़ रुपये की ईएमआई के भुगतान के लिए पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और आरईसी लि. से 16,812 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। वहीं आठ राज्यों ने यह भुगतान करने के लिए अपनी खुद की व्यवस्था की है।

वितरण कंपनियां भी इन नियमों के बाद अपने मौजूदा बकाया का समय पर भुगतान कर रही हैं। पिछले पांच माह में वितरण कंपनियों ने करीब 1,68,000 करोड़ रुपये का बकाया चुकाया है।

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