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जरुरी जानकारी | सोयाबीन में भारी गिरावट से बाकी तेल तिलहनों के भाव भी नरम हुए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशों में मंदी के रुख के बीच दिल्ली तेल तिलहन बाजार में सोमवार को सोयाबीन तेल तिलहन, सीपीओ और पामोलीन तेल में भारी गिरावट दर्ज हुई जबकि डीओसी की मांग बढ़ने के बीच मूंगफली (तिलहन) में सुधार आया। दूसरी ओर मूंगफली गुजरात और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।

जरुरी जानकारी | सोयाबीन में भारी गिरावट से बाकी तेल तिलहनों के भाव भी नरम हुए

नयी दिल्ली, दो अगस्त विदेशों में मंदी के रुख के बीच दिल्ली तेल तिलहन बाजार में सोमवार को सोयाबीन तेल तिलहन, सीपीओ और पामोलीन तेल में भारी गिरावट दर्ज हुई जबकि डीओसी की मांग बढ़ने के बीच मूंगफली (तिलहन) में सुधार आया। दूसरी ओर मूंगफली गुजरात और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन के बेहतर दाने की किल्लत के बीच मध्य प्रदेश में कुछ तेल संयंत्रों ने 25 प्रतिशत दागी माल के लिए पहले जो स्थानीय स्तर पर 12.5 प्रतिशत का बट्टा लगा रही थीं, बेहतर दाने की किल्लत के कारण उस बट्टे को घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया है। इसके कारण सोयाबीन तेल तिलहनों के भाव में भारी गिरावट आई। सोयाबीन की इस गिरावट और विदेशों में नरमी के रुख का असर बाकी तेल तिलहन कीमतों में भी हुआ और उनके दाम हानि दर्शाते बंद हुए।

उन्होंने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में छह प्रतिशत की गिरावट रही जबकि शिकागो एक्सचेंज में 0.1 प्रतिशत का सुधार आया।

उन्होंने कहा कि हानि के आम रुख के साथ मांग बरकरार रहने के बीच सरसों तेल तिलहन, मूंगफली गुजराात, मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड, सरसों पक्की एवं कच्ची घानी के भाव पूर्ववत बने रहे जबकि मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट के आम रुख के बीच सोयाबीन तेल तिलहन, बिनौला, सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट आई।

सलोनी, आगरा और कोटा में सरसों का भाव 8,300 रुपये प्रति क्विन्टल रहा। देश की मंडियों में सरसों की आवक सवा दो लाख बोरी से घटकर लगभग एक लाख 80 हजार बोरी रह गई।

सूत्रों ने कहा कि मूंगफली के तेल रहित खल (डीओसी) की मांग होने से मूंगफली दाना की कीमतों में सुधार दिखा।

उन्होंने कहा कि सरकार को खाद्य तेलों की जरुरतों को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भरता खत्म करनी होगी और तेल-तिलहनों के घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने की ओर विशेष ध्यान देना होगा। यह कदम लंबे समय में देश के हित में साबित होगा। खाद्य तेलों के आयात के लिए सालाना लगभग एक लाख करोड़ रुपये से अधिक विदेशी मुद्रा खर्च की जाती है।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 7,775 - 7,825 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 6,295 - 6,440 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 14,500 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,235 - 2,365 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,530 -2,580 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,615 - 2,725 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 15,000 - 17,500 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,000 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,950 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,500 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,350 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,200 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,150 रुपये।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,000 (बिना जीएसटी के)

सोयाबीन दाना 9,600 - 9,650, सोयाबीन लूज 9,325 - 9,425 रुपये

मक्का खल (सरिस्का) 3,800 रुपये

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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 02, 2021 08:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).