जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में मंदी के कारण तेल तिलहनों कीमतों में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच स्थानीय मांग कमजोर रहने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को अधिकांश तेल तिलहनों के भाव में हानि दर्ज हुई। बेहद कमजोर मांग की वजह से सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, सीपीओ सहित लगभग सभी तेल तिलहनों में गिरावट आई।
नयी दिल्ली, 24 जून विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच स्थानीय मांग कमजोर रहने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को अधिकांश तेल तिलहनों के भाव में हानि दर्ज हुई। बेहद कमजोर मांग की वजह से सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, सीपीओ सहित लगभग सभी तेल तिलहनों में गिरावट आई।
बाजार सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार को शिकॉगो एक्सचेंज में दो प्रतिशत और मलेशिया एक्सचेंज में 0.6 प्रतिशत की गिरावट रही। लेकिन मांग बेहद कमजोर रहने से लगभग सभी तेल तिलहनों के भाव हानि दर्शाते बंद हुए।
उन्होंने कहा कि देश में सरसों की दैनिक खपत साढ़े तीन से चार लाख बोरी की है लेकिन ‘आफसीजन’ खत्म होने के बाद आगे जाकर इसकी मांग काफी बढ़ेगी। व्यापारियों के पास सरसों नहीं है और तेल मिलों के पास सीमित मात्रा में सरसों उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर नवंबर के महीने में सरसों की बिजाई होगी और सरकार को दो तीन महीने पहले से ही सरसों बीज का इंतजाम रखना होगा क्योंकि डर यह है कि बिजाई के ऐन मौके पर छोटे किसानों को सरसों बीज के लिए सरसों की किल्लत न हो।
उन्होंने कहा कि सोयाबीन तेल की कमी होने की स्थिति में तो विकल्प के बतौर किसी अन्य खाद्यतेल का विदेशों से आयात भी किया जा सकता है पर सरसों का कोई विकल्प नहीं है। इसलिए सरकार को अभी से इसका इंतजाम देखना होगा ताकि बाजार में आपूर्ति बनी रहे और बिजाई के समय सरसों बीज की कमी की स्थिति का सामना नहीं करना पड़े।
सूत्रों ने कहा कि इस वर्ष किसानों को जो सरसों के अच्छे दाम मिले हैं, उससे इसकी अगली पैदावार काफी बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार गेहूं की जगह किसान सरसों की बुवाई पर जोर दे सकते हैं।
सूत्रों ने कहा कि खाद्य नियामक एफएसएसएआई नियमित तौर पर सरसों में मिलावट की जांच के लिए नमूने एकत्रित कर रहा है जिस वजह से उपभोक्ताओं को शुद्ध सरसों तेल खाने को मिल रहा है। छापे के दौरान बिहार के पटना में सरसों में ‘ब्लेंडिंग’ किये जाने का पता लगा है जिस पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। किसान रोक रोक कर बाजार में अपना उत्पाद ला रहे हैं।
बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 7,225 - 7,275 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली दाना - 5,595 - 5,740 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,750 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,115 - 2,245 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 14,200 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,290 -2,340 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,390 - 2,490 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 15,000 - 17,500 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,750 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,500 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,350 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 10,600 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,200 रुपये।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,250 रुपये।
पामोलिन एक्स- कांडला- 11,250 (बिना जीएसटी के)
सोयाबीन दाना 7,450 - 7,500, सोयाबीन लूज 7,350 - 7,400 रुपये
मक्का खल 3,800 रुपये
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 24, 2021 06:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

