Fact Check: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद बीमार पड़े कई वैश्विक नेता? विदेश मंत्रालय ने वायरल दावों को बताया 'फेक' और भ्रामक
भारत में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के समापन के बाद सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज दावा तेजी से प्रसारित हो रहा था, जिसमें कहा गया कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित कई वैश्विक नेता भारत दौरे के बाद अचानक बीमार पड़ गए. कुछ पोस्ट्स में तो यहां तक दावा किया गया कि शी जिनपिंग सम्मेलन के दौरान बेहोश हो गए और उन्हें विशेष विमान से वापस चीन ले जाया गया. भारत के विदेश मंत्रालय की फैक्ट-चेक यूनिट ने गुरुवार, 17 सितंबर को आधिकारिक 'फेक अलर्ट' (Fake Alert) जारी करते हुए इन दावों को पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और असत्य करार दिया है.
- Read in
- English
नई दिल्ली: हाल ही में नई दिल्ली में संपन्न हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी खबरों और दुष्प्रचार का नया मामला सामने आया है. विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल्स पर यह दावा तेजी से वायरल किया जा रहा था कि भारत में शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित कई राष्ट्राध्यक्ष गंभीर रूप से बीमार पड़ गए हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को तत्काल हस्तक्षेप करते हुए आधिकारिक 'फेक अलर्ट' जारी किया है और जनता को ऐसे दुर्भावनापूर्ण पोस्ट्स से सतर्क रहने की सलाह दी है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस का हॉस्टल ढहा? PIB फैक्ट चेक ने वायरल दावों को बताया भ्रामक, जानिए सत्य निकेतन हादसे की सच्चाई
सोशल मीडिया पर क्या किया जा रहा था दावा?
एक्स (पूर्व में ट्विटर) और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित संदेशों में दावा किया गया कि:
- भारत में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान कई विदेशी राष्ट्राध्यक्षों का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ गया.
- विशेष रूप से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को लेकर यह अफवाह उड़ाई गई कि वे सम्मेलन के दौरान बेहोश (Faint) हो गए थे, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए विशेष मेडिकल विमान से वापस बीजिंग ले जाया गया.
- इन दावों को साझा करते हुए भारत में आयोजन और स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था पर भी भ्रामक सवाल उठाने का प्रयास किया गया.
विदेश मंत्रालय का 'फेक अलर्ट': दुर्भावनापूर्ण पोस्ट से बचने की अपील
विदेश मंत्रालय की आधिकारिक फैक्ट-चेकिंग यूनिट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर चेतावनी जारी करते हुए लिखा:
"फेक अलर्ट (Fake Alert)!!! 🚨🚨🚨 हम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हो रहे इस प्रकार के दुर्भावनापूर्ण और झूठे पोस्ट्स के प्रति सभी को सतर्क करते हैं."
रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कई नेताओं के बीमार पड़ने की खबरें पूरी तरह तथ्यहीन हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से यह अफवाह फैलाई गई है.
MEA ने BRICS समिट 2026 के बाद दुनिया के नेताओं के बीमार पड़ने के वायरल दावे को खारिज किया
Fake Alert!!! 🚨🚨🚨
We caution against such malicious posts on social media platforms! pic.twitter.com/NRu6Dfk7Yj
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) September 17, 2026
शी जिनपिंग के बेहोश होने का सच: चीनी एक्टिविस्ट के असत्यापित दावे
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के स्वास्थ्य को लेकर फैली अफवाह की जड़ें एक गैर-आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ी हैं:
- 'चाइना डेमोक्रेटिक पार्टी' के चेयरमैन वानजुन शी (Wanjun Xie) ने सबसे पहले एक्स पर दावा किया था कि शी जिनपिंग को ट्रांजिएंट इस्केमिक अटैक (हल्का दौरा) आया और वे गिर पड़े.
- हालांकि, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने इस पोस्ट पर 'कम्युनिटी नोट्स' (Community Notes) जोड़ते हुए इसे असत्यापित और भ्रामक करार दिया.
- न तो बीजिंग (चीन सरकार) और न ही नई दिल्ली की तरफ से शी जिनपिंग के अस्वस्थ होने या किसी आपात चिकित्सा सहायता की कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है.
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति की अस्वस्थता का अलग संदर्भ
रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे भ्रम के पीछे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति कार्यालय का एक वास्तविक स्वास्थ्य अपडेट भी था, जिसे गलत संदर्भ में जोड़कर पेश किया गया:
- दक्षिण अफ्रीकी प्रेसीडेंसी ने पुष्टि की थी कि 73 वर्षीय राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा भारत से लौटने के बाद अस्वस्थ महसूस कर रहे थे और डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिनों के लिए सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहकर आराम करने की सलाह दी है.
- शरारती तत्वों ने रामफोसा के इस नियमित स्वास्थ्य अवकाश को तोड़-मरोड़कर यह प्रचारित कर दिया कि सम्मेलन में भाग लेने वाले लगभग सभी वैश्विक नेता बीमार हो गए हैं.
विदेश मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों ने स्पष्ट किया है कि बहुपक्षीय शिखर सम्मेलनों के बाद वैश्विक नेताओं की सेहत को लेकर सनसनी फैलाना सूचना युद्ध (Disinformation Campaign) का हिस्सा होता है, जिस पर बिना आधिकारिक पुष्टि के विश्वास नहीं किया जाना चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 17, 2026 12:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

