विदेश की खबरें | प्रतिकूल मौसम के कारण पिछले 50 वर्षों में 20 लाख लोगों की मौत, 4300 अरब डॉलर का नुकसान
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. जिनेवा, 22 मई (एपी) दुनिया भर में बीते 50 वर्षों के दौरान प्रतिकूल मौसम संबंधी करीब 12 हजार घटनाएं हुईं जिसके परिणामस्वरूप 20 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई और अर्थव्यवस्था को 4300 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। संयुक्त राष्ट्र की मौसम संबंधी एजेंसी विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने सोमवार को यह जानकारी दी।
जिनेवा, 22 मई (एपी) दुनिया भर में बीते 50 वर्षों के दौरान प्रतिकूल मौसम संबंधी करीब 12 हजार घटनाएं हुईं जिसके परिणामस्वरूप 20 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई और अर्थव्यवस्था को 4300 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। संयुक्त राष्ट्र की मौसम संबंधी एजेंसी विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने सोमवार को यह जानकारी दी।
विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने यह आंकड़े ऐसे समय में जारी किए हैं जब इसके सदस्य देशों की चार साल में एक बार आयोजित होने वाली कांग्रेस की बैठक शुरू हो रही है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि 2027 तक मौसम संबंधी प्रतिकूल घटनाओं के लिए सतर्क प्रणाली में सुधार करने के लिए और अधिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
जिनेवा स्थित एजेंसी ने मानव निर्मित जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के बारे में बार-बार चेतावनी दी है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कहा कि बढ़ते तापमान के कारण बाढ़, तूफान, चक्रवात और सूखे सहित मौसम संबंधी प्रतिकूल घटनाओं में वृद्धि हुई है।
डब्ल्यूएमओ का कहना है कि पूर्व चेतावनी प्रणाली ने जलवायु और अन्य मौसम संबंधी आपदाओं से जुड़ी मौतों को कम करने में मदद की है।
डब्ल्यूएमओ के मुताबिक मौसम संबंधी प्रतिकूल घटनाओं के कारण 1970 और 2021 के बीच अधिकांश आर्थिक क्षति अमेरिका में हुई। इन घटनाओं के कारण अमेरिका में कुल 1700 अरब डॉलर का नुकसान हुआ जबकि दुनिया भर में 10 में से नौ लोगों की मौतें विकासशील देशों में हुईं।
डब्ल्यूएमओ के महासचिव पेटेरी तालास ने कहा कि इस महीने म्यांमा और बांग्लादेश में आए चक्रवाती तूफान मोखा ने यह दिखाया है कि कैसे 'सबसे कमजोर वर्ग के लोग मौसम, जलवायु और पानी से संबंधित खतरों का अधिक खामियाजा भुगतते हैं।'
पेटेरी तालास ने कहा, ‘‘अतीत में मौसम संबंधी प्रतिकूल घटनाओं के कारण म्यांमा और बांग्लादेश दोनों ही देशों में सैकड़ों हजारों लोगों की मौत हुई है। प्रारंभिक चेतावनियों और आपदा प्रबंधन के लिए धन्यवाद, ये भयावह आंकड़ें अब इतिहास बन चुके हैं। पूर्व चेतावनी प्रणाली लोगों की जिंदगी बचाती है। ’’
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