जरुरी जानकारी | 2030 तक दवा निर्यात दोगुना होकर 65 अरब डॉलर होने की उम्मीद: रिपोर्ट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत का दवा निर्यात 2030 तक दोगुना होकर 65 अरब अमेरिकी डॉलर और 2047 तक 350 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है।

नयी दिल्ली, आठ फरवरी भारत का दवा निर्यात 2030 तक दोगुना होकर 65 अरब अमेरिकी डॉलर और 2047 तक 350 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है।

एक रिपोर्ट के अनुसार भारत अपने उत्पादों में विविधता लाकर वैश्विक स्तर पर शीर्ष पांच में पहुंच जाएगा।

भारत वैश्विक स्तर पर जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। दुनिया भर में बेची जाने वाली हर पांच जेनेरिक दवाओं में एक भारत में बनती है। देश के निर्यात में यह क्षेत्र 11वें स्थान पर है।

बैन एंड कंपनी की रिपोर्ट 'हीलिंग द वर्ल्ड: रोडमैप फॉर मेकिंग इंडिया ए ग्लोबल फार्मा एक्सपोर्ट्स हब' के अनुसार भारत विशेष जेनेरिक, बायोसिमिलर और नये उत्पादों को शामिल करके अपने निर्यात में नवाचार और विविधता लाएगा।

बेन एंड कंपनी के पार्टनर श्रीराम श्रीनिवासन ने कहा, ''भारतीय दवा उद्योग के लिए वैश्विक बाजार में अपना सही स्थान हासिल करने के लिए मात्रा आधारित कारोबार से मूल्य आधारित कारोबार पर ध्यान देना जरूरी है।''

उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, विनियमन, वैश्विक बाजारों तक पहुंच, प्रतिभा और उद्यमशीलता नवाचार पर सही ध्यान देकर भारत 2047 तक वैश्विक स्तर पर शीर्ष पांच फार्मा निर्यातकों में शामिल हो सकता है।

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