देश की खबरें | सीबीआई की गिरफ्त में आए डीआरएम रेलवे संसाधनों का दुरुपयोग कर रात में पार्टी करते थेः एआईआरएफ
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नयी दिल्ली, 11 जुलाई ऑल इंडिया रेलवेमैन्स फेडरेशन (एआईआरएफ) ने आरोप लगाया कि हाल में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा गिरफ्तार रेल अधिकारी अपनी पूर्ववर्ती नियुक्ति के दौरान रेलवे के संसाधनों का दुरुपयोग करके देर रात तक पार्टी करते थे।
सीबीआई ने 5 जुलाई को गुंतकल मंडल के रेलवे प्रबंधक (डीआरएम)विनीत सिंह सहित चार अन्य रेलवे अधिकारियों को कई निविदाएं देने के एवज में कथित तौर पर रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
एआईआरएफ के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने आरोप लगाया कि जब सिंह जनवरी से पहले पूर्वी तटीय रेलवे जोन के संबलपुर मंडल में डीआरएम के पद पर तैनात थे तब देर रात तक चलने वाली पार्टियों के लिए गैंगमैन और रेलवे अनुरक्षक जैसे रेलवे कर्मचारियों का दुरुपयोग करते थे।
उन्होंने कहा, ‘‘ जिन रेल अनुरक्षकों से रेल पटरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपेक्षा की जाती थी उन्हें सिंह अपने निजी काम के लिए इस्तेमाल करते थे और रेलवे सुरक्षा के सभी नियमों को ताक पर रख दिया था। वह उनका इस्तेमाल अपनी निजी पार्टियों के लिए बाजार से सामान खरीदने और पार्टियों को अच्छी तरह से आयोजित करने के लिए किया करते थे।’’
मिश्रा ने कहा, ‘‘ जब एआईआरएफ के सदस्यों ने रेल मंत्रालय से शिकायत की तो उनका तबादला गुंतकल कर दिया गया, लेकिन उन्होंने अपनी हरकतें नहीं बदलीं और सीबीआई के जाल में फंस गए। इस मामले को सुर्खियों में लाने के लिए सीबीआई का बहुत-बहुत धन्यवाद।’’
मिश्रा द्वारा रेलवे बोर्ड को ई-मेल कर की गई शिकायत का जवाब नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि रेलवे में भ्रष्टाचार एक व्यापक समस्या बन गई है और मंत्रालय को इस पर अंकुश लगाने के लिए कोई व्यवस्था बनानी चाहिए।
मिश्रा ने कहा कि रेलवे ने हाल ही में डीआरएम की वित्तीय शक्तियों में वृद्धि की है, इसलिए उनके वित्तीय निर्णयों और व्यय पर कड़ी निगरानी रखने की तत्काल आवश्यकता है।
नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन के महासचिव एम राघवैया ने कहा कि रेलवे को डीआरएम की नियुक्ति से पहले ईमानदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
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