देश की खबरें | दिल्ली में मद्यपान की उम्र 25 साल से से घटाकर 21 साल की गयी, सरकार नहीं बेचेगी शराब

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली में मद्यपान की उम्र 25 साल से घटाकर 21 साल करना और शराब की दुकानें चलाने से सरकार का अपना कदम पीछे हटाना आदि सोमवार को आप सरकार द्वारा मंजूर की गयी आबकारी नीति की मुख्य बातें हैं और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इन कदमों से वार्षिक राजस्व में 20 फीसद की वृद्धि होने की उम्मीद है।

नयी दिल्ली, 22 मार्च दिल्ली में मद्यपान की उम्र 25 साल से घटाकर 21 साल करना और शराब की दुकानें चलाने से सरकार का अपना कदम पीछे हटाना आदि सोमवार को आप सरकार द्वारा मंजूर की गयी आबकारी नीति की मुख्य बातें हैं और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इन कदमों से वार्षिक राजस्व में 20 फीसद की वृद्धि होने की उम्मीद है।

सरकार ने दिल्ली में अपनी सभी दुकानें बंद करने का फैसला किया है क्योंकि उनसे शराब की निजी दुकानों की तुलना में कम कमाई हो रही थी।

फिलहाल राष्ट्रीय राजधानी में करीब 850 प्रतिष्ठानों में 40 फीसद निजी हाथों में हैं।

सरकार के अनुसार सरकारी दुकानें ‘‘ब्रांड पर जोर देने’’ में लगी हैं और राजस्व लीकेज के भी मामले सामने आये हैं।

सिसोदिया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नये कदम से सरकारी दुकानों की ‘जेल जैसी व्यवस्था’’ से शराब खरीदने के अनुभव पर विराम लगेगा।

जिन निजी दुकानों को अनुमति दी जाएगी, उनके पास कम से कम 500 वर्ग फुट क्षेत्रफल होना चाहिए।

सरकार ने घोषणा की कि दिल्ली में शराब की कोई नयी दुकानें नहीं खोली जाएंगी और वर्तमान खुदरा शराब कारोबार में सरकारी दुकानों के 60 फीसद हिस्सेदारी की जगह निजी प्रतिष्ठान लेंगे।

सिसोदिया ने कहा कि शराब बेचना सरकार का काम नहीं है और आशा है कि नयी नीति के लागू होने से आबकारी राजस्व 1500-2000 करोड़ सलाना दर से बढ़ेगी।

मद्यपान की उम्र घटाने से सरकार को युवाओं को नोएडा एवं पड़ोस के शहरों में जाने से हतोत्साहित करने में मदद मिलेगी। इस कदम से आबकारी राजस्व भी बढ़ेगा क्योंकि दिल्ली में प्रतिष्ठानों को इस उम्रवर्ग के लोगों को शराब परोसने के लए भारी जुर्माना का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सरकार ने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु जैसे राज्यों में मद्यपान की उम्र 21 साल है जबकि गोवा एवं आंध्रप्रदेश में यह 18 साल है।

नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने इस फैसला का स्वागत किया और कहा कि इसे धंधे और खजाने दोनों को फायदा होगा।

वर्तमान कानूनी पेय उम्र को पुराना कानून करार देते हुए एनआरएआई के अध्यक्ष अनुराग कतरियार ने कहा कि एसोसिएशन ऐसे कानूनों में सुधार की मांग कर रहा था।

सुधार के तहत दिल्ली सरकार अंतरराष्ट्रीय मानक चेकअप प्रणाली स्थापित करेगी जिसके माध्यम से वह घटिया शराब पर नजर रखेगी और उसका वितरण रोकेगी।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘आज घोषित आबकारी सुधार दिल्ली में शराब माफिया के लिए झटका का काम करेगा। माफिया इन सुधारों की राह में बाधा खड़ी करने का हर प्रयास करेंगे। आप सरकार ने शिक्षा, पानी, स्वास्थ्य आदि के क्षेत्रों में माफिया राज खत्म किया। हम इस क्षेत्र में सुधार के लिए कटिबद्ध हैं।

सिसोदिया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मंत्रिसमूह की सिफारिश के आधार पर आज मंत्रिमंडल ने नयी आबकारी नीति को मंजूरी दी । यह तय किया गया कि राष्ट्रीय राजधानी में शराब की कोई नयी दुकान नहीं खोली जाएगी और सरकार शराब की कोई दुकान नहीं चलायेगी। दिल्ली में शराब की 60 फीसदी दुकानें सरकार द्वारा चलायी जाती हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार शराब की दुकानों का समान वितरण सुनिश्चित करेगी ताकि शराब माफिया को इस धंधे से उखाड़ फेंका जाए। आबकारी विभाग में सुधार के बाद राजस्व में 20 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है।’’

सरकार के सरकारी शराब की दुकानें बंद करने के फैसले के बाद आबकारी विभाग के सामने यह सुनिश्चित करने का बहुत बड़ा जिम्मा आने की संभावना है कि निजी क्षेत्र उस अंतर को तीन महीने में भरे, यह एक ऐसी अवधि है जिसके लिए शराब की सभी दुकानों के लाइसेंस का हाल ही में नवीकरण किया गया।

भाजपा ने सरकार के कदम की निंदा की।

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