देश की खबरें | डीआरडीओ वैज्ञानिक मामला: एटीएस ने पाकिस्तानी एजेंट को सह-आरोपी बनाया

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पुणे, 21 जून महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने यहां अदालत को सूचित किया है कि उसने एक पाकिस्तानी महिला एजेंट को एक मामले में सह-आरोपी बनाया है, जिसने कथित तौर पर डीआरडीओ के वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर को मोहपाश में फंसाया था।

कुरुलकर पुणे में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की एक प्रयोगशाला के निदेशक थे। एटीएस ने उन्हें तीन मई को पाकिस्तानी खुफिया महिला एजेंट को गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

सूत्रों ने कहा कि महिला जारा दासगुप्ता के छद्म नाम से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रही थी और वह कुरुलकर के संपर्क में थी।

सूत्रों ने कहा कि एजेंट के ‘आईपी एड्रेस’ के पाकिस्तानी होने का पता चलने के बाद एटीएस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में “ज़ारा दासगुप्ता” का नाम जोड़ा।

एटीएस ने अब प्राथमिकी में सरकारी गोपनीयता अधिनियम की धारा चार को भी जोड़ा है जो “कुछ अपराधों में सबूत के रूप में, विदेशी एजेंटों के साथ संचार” से संबंधित है।

एटीएस के मुताबिक, डीआरडीओ वैज्ञानिक व्हाट्सऐप और वीडियो कॉल के जरिये पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में था।

अभियोजन पक्ष ने पहले अदालत को सूचित किया था कि एजेंसी ने एक फोन जब्त किया था जिस पर पाकिस्तानी एजेंट ने भारतीय नंबर का उपयोग करके कुरुलकर को संदेश भेजा था। कुरुलकर ने कथित तौर पर राजनयिक पासपोर्ट पर पांच से छह देशों की यात्रा की थी और अभियोजन पक्ष जानना चाहता था कि उन यात्राओं के दौरान कुरुलकर ने किन लोगों से मुलाकात की थी।

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