देश की खबरें | जम्मू-कश्मीर के लोगों की नौकरी, भूमि अधिकार सुरक्षित रखने के लिए संघर्ष जारी रखेगी डीपीएपी: आजाद

जम्मू, 13 अगस्त डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर के लोगों की नौकरियों और जमीन पर अधिकार सुरक्षित करने की राजनीतिक लड़ाई जारी रखेगी।

पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर अगले विधानसभा चुनाव में डीपीएपी जीत दर्ज करती है और सरकार बनाती है तो वह विकास और भ्रष्टाचार मुक्त शासन पर ध्यान केंद्रित करेगी।

आजाद ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर लौटने का मेरा उद्देश्य आम लोगों की सामाजिक-राजनीतिक मुक्ति से जुड़ा है। हम स्थानीय लोगों के लिए नौकरियां और भूमि अधिकार सुरक्षित करने के लिए अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगे।’’

उन्होंने अगस्त 2022 में कांग्रेस से करीब पांच दशक पुराने संबंध को तोड़ लिया था और बाद में डीपीएपी नाम से नयी पार्टी बनाई थी।

चेनाब घाटी के 10 दिवसीय दौरे के समापन पर अपने गृहनगर भद्रवाह के चिराल्ला में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए आजाद ने कहा, ‘‘स्थानीय लोगों के लिए भूमि और नौकरियों पर अधिकार सुरक्षित करना मेरी पार्टी का प्राथमिक एजेंडा है। इसलिए हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक केंद्र से इस संबंध में गांरटी नहीं मिल जाती।’’

उन्होंने कहा कि उनका सपना इलाके के लोगों को राजनीतिक और आर्थिक रूप से इतना सशक्त बनाना है कि उन्हें किसी के आगे ‘‘भीख मांगने की जरूरत’’ न पड़े।

दौरे के दौरान विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात का संदर्भ देते हुए आजाद ने कहा कि जनता द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया जाएगा।

आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा भूमि खाली कराने के लिए उठाए जा रहे ‘दंडात्मक कदम’ के खिलाफ है। उन्होंने दावा कि प्रशासन को उक्त अभियान डीपीएपी के विरोध के बाद रोकना पड़ा।

आजाद ने ‘चेनाब घाटी’ को कथित तौर पर नजरअंदाज करने को लेकर उनके बाद सत्ता में आई सरकारों को आड़े हाथ लिया।

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