जरुरी जानकारी | घरेलू शराब कंपनियों ने महाराष्ट्र सरकार से आयातित उत्पादों के लिए शुल्क कटौती पर पुनर्विचार को कहा

नयी दिल्ली, 12 दिसंबर घरेलू शराब कंपनियों ने महाराष्ट्र सरकार से आयातित उत्पादों पर आबकारी शुल्क में कटौती के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा है।

कनफेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज (सीआईएबीसी) ने महाराष्ट्र सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि आयातित उत्पादों पर आबकारी शुल्क में कटौती से भारत में बनी विदेशी शराब के लिए ‘असमान और अनुचित’ स्थिति पैदा हो गई है।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजीत पवार को लिखे पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार को देश में विनिर्मित उत्पादों को प्रोत्साहन देना चाहिए। देश में बने उत्पाद राज्य के राजस्व में योगदान देने में सबसे आगे रहते हैं और इससे आर्थिक समृद्धि भी सुनिश्चत होती है।

पत्र में कहा गया है, ‘‘आयातित उत्पादों पर इस व्यापक स्तर पर आबकारी शुल्क में कटौती भारतीय उद्योग के लिए काफी नुकसानदेह है। इससे भारतीय उद्योग के लिए समानता वाले अवसर समाप्त हो रहे हैं। इसके विनिवेश, रोजगार नुकसान और किसानों को परेशानी के रूप में व्यापक नतीजे हो सकते हैं।’’

महाराष्ट्र सरकार ने नवंबर में आयातित शराब पर आबकारी शुल्क को 300 प्रतिशत से घटाकर 150 प्रतिशत करने की घोषणा की थी। यह कदम आयातित शराब के दाम अन्य राज्यों के बराबर लाने के लिए उठाया गया था।

सीआईएबीसी ने कहा कि इस कटौती से प्रीमियम भारतीय व्हिस्की की मुंबई में बिक्री बुरी तरह प्रभावत होगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)