जरुरी जानकारी | घरेलू कच्चा तेल उत्पादकों को अपनी मर्जी से बिक्री की अनुमति

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नयी दिल्ली, 29 जून सरकार ने बुधवार को ओएनजीसी और वेदांता जैसी कंपनियों को देश में उत्पादित कच्चे तेल को किसी भी रिफाइनरी को बेचने की अनुमति दे दी। रिफाइनरी में कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन में बदला जाता है।

तेल क्षेत्रों के 1999 से आवंटित अनुबंधों के मामले में उत्पादकों को कच्चा तेल बेचने की स्वतंत्रता दी गयी थी। लेकिन ओएनजीसी के मुंबई हाई और वेदांता के रावा जैसे पुराने क्षेत्रों से उत्पादित कच्चे तेल के लिये खरीदार खुद सरकार तय करती थी।

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में किये गये निर्णय की जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने संवाददाताओं से कहा कि कंपनियों को घरेलू बाजार में कच्चा तेल बेचने की पूरी आजादी होगी।

हालांकि, कच्चे तेल के निर्यात पर पाबंदी जारी रहेगा।

इस निर्णय का मतलब है कि ओएनजीसी मुंबई हाई से उत्पादित सालाना 1.3 से 1.4 करोड़ टन कच्चा तेल निजी क्षेत्र की रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. और रोसनेफ्ट समर्थिक नायरा एनर्जी समेत किसी भी रिफाइनरी को बेच सकती है।

कंपनी को फिलहाल मुंबई हाई से उत्पादित कच्चा तेल सार्वजनिक क्षेत्र की भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (एचपीसीएल) को बेचना होता है। वह अपनी मैंगलोर रिफाइनरी को भी तेल नहीं बेच सकती थी।

मौजूदा व्यवस्था में सरकार मात्रा तय करती थी जो प्रत्येक खरीदार खरीद सकता था। इससे कीमत को लेकर बातचीत की गुंजाइश बहुत कम होती थी और प्राय: सस्ते में तेल बेच दिया जाता था।

अब विक्रेता कच्चे तेल की ई-नीलामी कर सकते हैं। जो भी अच्छा मूल्य देगा, उसे बेच सकते हैं।

आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने एक अक्टूबर, 2022 से घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल की बिक्री को नियंत्रण-मुक्त किये जाने को मंजूरी दे दी है। सरकार ने एक अक्टूबर, 2022 से कच्चे तेल और ‘कंडनसेट’ के आवंटन को रोकने का फैसला किया है।’’

इसमें कहा गया है कि इससे सभी खोज और उत्पादन (ई एंड पी) परिचालक स्वतंत्र रूप से विपणन कर सकेंगे।

बयान के अनुसार, ‘‘इसके अनुसार सरकार या उसकी नामित अथवा सरकारी कंपनियों को कच्चा तेल बेचने के लिए उत्पादन भागीदारी अनुबंध (पीएससी) की शर्त में छूट दी जाएगी। सभी ईएंडपी कंपनियों को अब घरेलू बाजार में अपने क्षेत्रों से उत्पादित कच्‍चा तेल बेचने की स्‍वतंत्रता होगी।’’

रॉयल्‍टी, उपकर जैसे सरकारी राजस्व की गणना सभी अनुबंधों में एक समान आधार पर की जाती रहेगी। पहले की तरह, निर्यात की अनुमति नहीं होगी।

ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) और ऑयल इंडिया लि. ई-नीलामी में अच्छा मूल्य देने वाले किसी को भी तेल बेच सकते हैं।

वेदांता की केयर्न ऑयल एंड गैस को अपने रावा फील्ड से तेल बेचने की आजादी होगी। फिलहाल रावा क्षेत्र से उत्पादित तेल एचपीसीएल को बेचा जाता है।

बयान में कहा गया है, ‘‘यह निर्णय आर्थिक गतिविधियों को और बढ़ावा देगा तथा तेल एवं गैस खोज और उत्पादन के क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करेगा...।’’

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