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विदेश की खबरें | क्या एआई वाकई उत्पादकता बढ़ाता है? सबूत अस्पष्ट हैं

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. कैनबरा, 13 जुलाई (द कन्वरसेशन) उत्पादकता को लेकर हाल में काफी चर्चा हुई है, खासकर राजनीतिक नेताओं के बीच। इसकी एक वजह यह है कि ऑस्ट्रेलिया की श्रम उत्पादकता वृद्धि दर 60 वर्षों के निम्नतम स्तर पर है।

विदेश की खबरें | क्या एआई वाकई उत्पादकता बढ़ाता है? सबूत अस्पष्ट हैं
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

कैनबरा, 13 जुलाई (द कन्वरसेशन) उत्पादकता को लेकर हाल में काफी चर्चा हुई है, खासकर राजनीतिक नेताओं के बीच। इसकी एक वजह यह है कि ऑस्ट्रेलिया की श्रम उत्पादकता वृद्धि दर 60 वर्षों के निम्नतम स्तर पर है।

आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज इस समस्या के समाधान के लिए अगले महीने एक सम्मेलन का आयोजित करेंगे। यह उत्पादकता आयोग की रिपोर्ट के जारी होने के साथ ही होगा, जो सुधार के पांच स्तंभों पर विचार कर रही है। इनमें से एक है कृत्रिम मेधा (एआई) समेत डेटा और डिजिटल तकनीकों की भूमिका।

यह तकनीक और व्यवसाय क्षेत्रों के लिए एक अच्छी खबर होगी, जो एआई के उत्पादकता लाभों को उत्साहपूर्वक बढ़ावा दे रहे हैं। वास्तव में, ऑस्ट्रेलिया की ‘बिजनेस काउंसिल’ ने भी पिछले महीने कहा था कि एआई उत्पादकता बढ़ाने के लिए इस पीढ़ी के लिए सबसे बड़ा मौका है।

लेकिन हम वास्तव में इस बारे में क्या जानते हैं कि एआई उत्पादकता को किस प्रकार प्रभावित करता है?

उत्पादकता क्या है?

सरल शब्दों में कहें तो उत्पादकता यह है कि हम एक निश्चित मात्रा में सामग्रियों (जैसे श्रम और कच्चा माल) से कितना उत्पादन (वस्तुएं और सेवाएं) कर सकते हैं। यह इसलिए महत्वपूर्ण है कि उच्च उत्पादकता आमतौर पर उच्च जीवन स्तर में परिवर्तित होती है। पिछले तीन दशकों में उत्पादकता वृद्धि ऑस्ट्रेलिया की आय वृद्धि का 80 प्रतिशत हिस्सा रही है।

उत्पादकता को व्यक्तिगत, संगठनात्मक या राष्ट्रीय स्तर पर देखा जा सकता है। आपकी व्यक्तिगत उत्पादकता इस बात पर निर्भर करती है कि आप कार्यों को पूरा करने के लिए अपने समय और संसाधनों का कितनी कुशलता से प्रबंधन करते हैं। आप एक घंटे में कितने ईमेल का जवाब दे सकते हैं? आप एक दिन में कितने उत्पादों में खराबी की जांच कर सकते हैं?

संगठनात्मक उत्पादकता यह है कि कोई संगठन अपने लक्ष्यों को कितनी अच्छी तरह हासिल करता है। उदाहरण के लिए, किसी शोध संगठन में कितने उच्च-गुणवत्ता वाले शोध पत्र तैयार किए जाते हैं?

राष्ट्रीय उत्पादकता किसी राष्ट्र की आर्थिक दक्षता है, जिसे प्रायः प्रति घंटे काम किए गए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के रूप में मापा जाता है। यह प्रभावी रूप से अन्य रूपों का एक समूह है। लेकिन यह पता लगाना बेहद मुश्किल है कि व्यक्तिगत या संगठनात्मक उत्पादकता में बदलाव प्रति घंटे काम करने पर राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में कैसे परिवर्तित होता है।

एआई और व्यक्तिगत उत्पादकता

एआई और व्यक्तिगत उत्पादकता के बीच संबंधों की जांच करने वाले शोध से मिश्रित परिणाम सामने आए हैं।

लेकिन एआई हमेशा व्यक्तिगत उत्पादकता नहीं बढ़ाता।

लगभग 2,500 पेशेवरों के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि जनरेटिव एआई ने वास्तव में 77 प्रतिशत श्रमिकों के कार्यभार में वृद्धि की। लगभग 47 प्रतिशत पेशेवरों ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उत्पादकता लाभ कैसे प्राप्त करें।

एआई और संगठनात्मक उत्पादकता

किसी संगठन की उत्पादकता में परिवर्तन का श्रेय एआई को देना यदि असंभव नहीं तो कठिन अवश्य है। व्यवसाय कई सामाजिक और संगठनात्मक कारकों के प्रति संवेदनशील होते हैं, जिनमें से कोई भी उत्पादकता में परिवर्तन का कारण हो सकता है।

वर्ष 2024 के सारांश पत्र में जर्मनी, इटली और ताइवान में एआई से संगठनात्मक उत्पादकता में वृद्धि दिखाने वाले स्वतंत्र अध्ययनों का हवाला दिया गया है।

एआई और राष्ट्रीय उत्पादकता

राष्ट्रीय स्तर पर तस्वीर और भी धुंधली है। स्पष्ट रूप से, एआई ने अभी तक राष्ट्रीय उत्पादकता को प्रभावित नहीं किया है। यह दलील दी जा सकती है कि तकनीकी विकास को राष्ट्रीय उत्पादकता को प्रभावित करने में समय लगता है, क्योंकि कंपनियों को यह पता लगाना होता है कि तकनीक का उपयोग कैसे किया जाए और आवश्यक बुनियादी ढांचा और कौशल कैसे विकसित किए जाएं।

हालांकि, इसकी कोई गारंटी नहीं है। उदाहरण के लिए, जहां एक ओर इस बात पर आम सहमति है कि इंटरनेट ने उत्पादकता में सुधार किया है, वहीं मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के प्रभावों को लेकर ज्यादा मतभेद हैं और कुछ उद्योगों (जैसे मनोरंजन क्षेत्र) में इनका प्रभाव दूसरों की तुलना में अधिक स्पष्ट है।

(द कन्वरसेशन)

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 13, 2025 04:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).