जरुरी जानकारी | जुर्माना जमा कराने पर जोर न दे एनडीटीवी के प्रवर्तकों की अपीलें सुने सैट: न्यायालय का निर्देश

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को टेलीविजन चैनल एनडीटीवी के प्रवर्तकों प्रणय रॉय और राधिका रॉय को राहत दी। न्यायालय ने प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) को बाजार नियामक सेबी के आदेश के खिलाफ उनकी अपील पर सुनवाई के लिये जुर्माने की आधी राशि जमा करने की पूर्व शर्त पर जोर नहीं देने का निर्देश दिया है।

नयी दिल्ली, 15 फरवरी उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को टेलीविजन चैनल एनडीटीवी के प्रवर्तकों प्रणय रॉय और राधिका रॉय को राहत दी। न्यायालय ने प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) को बाजार नियामक सेबी के आदेश के खिलाफ उनकी अपील पर सुनवाई के लिये जुर्माने की आधी राशि जमा करने की पूर्व शर्त पर जोर नहीं देने का निर्देश दिया है।

एनडीटीवी के प्रवर्तकों ने सैट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उन्हें अपील में आने से पहले कथित रूप से गलत तरीके से अर्जित लाभ का एक हिस्सा जमा करने को कहा गया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपनी जांच में पाया कि एनडीटीवी के इन दोनों प्रवर्तकों ने गलत तरीके से लाभ कमाया है।

मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायाधीश ए एस बोपन्ना और न्यायाधीश वी रामासुब्रमणियम की पीठ ने कहा कि सैट इस मामले में जुर्माना जमा करने पर जोर दिये बिना एनडीटीवी के प्रवर्तकों की अपील पर सुनवाई करे।

पीठ ने कहा, ‘‘अपील पर चार मार्च को सुनवाई होनी है। अपीलों पर सुनवाई के लिये कोई राशि जमा नहीं होने पर जबरन कोई रकम नहीं ली जाएगी।’’ लेकिन पीठ ने यह भी कहा कि ‘‘इस आदेश को मिसाल के रूप में नहीं लिया जाएगा।’’

वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये हुई सुनवाई के दौरान सोलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सेबी के निर्देश पर रोक लगाने की अनुमति देने के लिए यह पूर्वशर्त रही है कि जर्माना जमा कराया जाए।

प्रवर्तकों की तरफ से पेश मुकुल रोहतगी ने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कह रहा कि यह पूर्व शर्त है। वे हमारे घर को कुर्क कर लेंगे।’’

पीठ ने कहा, ‘‘मामले की सुनवाई के लिये अपीलकर्ताओं से जबरन कोई भी राशि नहीं ली जाएगी। यह आदेश कोई मिसाल नहीं होगा।’’

इससे पहले, पीठ ने एनडीटीवी प्रवर्तकों को यह बताने को कहा कि वे मौजूदा बाजार भाव पर कितनी कीमत के शेयर बाजार नियामक सेबी के पास सैट के आदेश के तहत धरोहर के रूप में रखना चाहते है।

प्रवर्तकों ने कहा कि वे हलफनामा देने को इच्छुक हैं कि एनडीटीवी में उनके शेयरोको हस्तांतरित नहीं किया जाएगा।

न्यायालय ने रोहगी के इस बयान को संज्ञान में लिया कि उनके मुवक्किल शेयर और उसके मूल्य के बारे में बयान देने को तैयार हैं।

वकील ने कहा कि एनडीटीवी के प्रत्येक शेयर का मूल्य 37 रुपये है और हमारे पास 50 लाख शेयर हैं। उन्होंने कहा कि वह हलफनामा भरने को तैयार हैं।

सैट ने एनडीटीवी प्रवर्तकों को गलत तरीके से अर्जित लाभ का 50 प्रतिशत सेबी के पास जम करने को कहा था। सेबी ने कुछ ऋण समझौतों के संदर्भ में शेयरधारकों से सूचना छिपाने को लेकर दोनों प्रवर्तकों पर जुर्माना लगाया है।

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