देश की खबरें | शोपियां मुठभेड़ में मारे गए तीन लोगों के डीएनए नमूने परिवार के सदस्यों से मिले

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले में जुलाई में सेना के साथ कथित फर्जी मुठभेड़ में मारे गए तीन लोगों के डीएनए नमूने राजौरी में उनके परिवारों के नमूनों से मेल खाते हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

श्रीनगर, 25 सितंबर जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले में जुलाई में सेना के साथ कथित फर्जी मुठभेड़ में मारे गए तीन लोगों के डीएनए नमूने राजौरी में उनके परिवारों के नमूनों से मेल खाते हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

यह भी पढ़े | Bihar Elections Model Code of Conduct: बिहार में आदर्श आचार संहिता लागू, अब नेताओं पर EC रखेगी पैनी नजर- जानें पूरा नियम.

यह पूछे जाने पर क्या वे तीनों वास्तव में मजदूर थे, जैसा उनके परिवारों ने दावा किया है और वे आतंकवादी गतिविधियों में शामिल नहीं थे, पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह आगे की जांच का विषय है।

सेना ने 18 जुलाई को दावा किया था कि दक्षिणी कश्मीर के शोपियां में गांव अमशीपुरा में तीन आतंकवादी मारे गए। सोशल मीडिया की रिपोर्टों से संकेत मिला कि वे राजौरी के रहने वाले तीन लोग अमशीपुरा में लापता हो गए थे। इसके बाद सेना ने जांच शुरू की थी।

यह भी पढ़े | Farmers Bill 2020: AIKS अध्यक्ष अशोक धावले के नेतृत्व में महाराष्ट्र में कृषि बिलों को लेकर हजारों की तादात में किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी.

तीन लोगों के परिवारों ने दावा किया था कि वे मजदूर थे और इस संबंध में पुलिस में शिकायत भी दर्ज करायी थी।

इस संबंध में पुलिस ने भी जांच शुरू की और मारे गए लोगों के डीएनए नमूने लिए गए ताकि राजौरी में उनके परिवारों के नमूनों के साथ मिलान किया जा सके।

पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) विजय कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, "डीएनए रिपोर्ट आ गयी है और मिलान हो गया है।"

यह पूछे जाने पर कि क्या इसकी पुष्टि हो गयी है कि तीनों लोग मजदूर थे और वे किसी आतंकवादी गतिविधियों में शामिल नहीं थे, कुमार ने कहा, "पुलिस अब मामले में आगे की जांच कर रही है।"

सेना ने रिकार्ड चार सप्ताह में इस मामले की जांच पूरी कर ली।

बल ने 18 सितंबर को कहा था कि ‘प्रथम दष्टया’ साक्ष्य के अनुसार मुठभेड़ के दौरान उसके जवानों ने सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम के तहत अधिकार का ‘‘उल्लंघन’’ किया। बल ने कहा था इस संबंध में अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर दी गयी है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\