देश की खबरें | पोनमुडी को शिक्षा मंत्री बनाने के अनरोध को अस्वीकार करने पर द्रमुक ने राज्यपाल पर निशाना साधा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने कहा कि राज्यपाल आरएन रवि द्वारा विधायक एवं पार्टी नेता पोनमुडी को उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त करने के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के अनुरोध को ‘‘सीधे तौर पर खारिज’’ करना संविधान का उल्लंघन है।
चेन्नई, 18 मार्च तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने कहा कि राज्यपाल आरएन रवि द्वारा विधायक एवं पार्टी नेता पोनमुडी को उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त करने के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के अनुरोध को ‘‘सीधे तौर पर खारिज’’ करना संविधान का उल्लंघन है।
द्रमुक ने यहां तक कह दिया कि रवि इस पद को संभालने के लिए अयोग्य हैं।
स्टालिन ने राज्यपाल को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि पोनमुडी को मंत्रिमंडल में दोबारा उसी विभाग में शामिल किया जाए जिसे वह मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराए जाने से पहले संभाल रहे थे। हालांकि, राज्यपाल ने ऐसा करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद राज्य सरकार ने सोमवार को इस मामले पर उच्चतम न्यायालय का रुख किया।
द्रमुक की ओर से राज्यसभा सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता पी विल्सन ने कहा कि राज्यपाल ‘‘ बार-बार इस तरह का काम कर रहे हैं और उनमें संविधान के प्रति बिल्कुल भी सम्मान नहीं है।’’
तमिलनाडु विधानसभा ने आधिकारिक तौर पर कहा था कि इस मामले में अयोग्यता का नियम लागू नहीं होगा और निर्वाचन आयोग ने भी पोनमुडी के विधानसभा क्षेत्र तिरुक्कोविुलर के खाली होने की अधिसूचना वापस ले ली है।
राज्यपाल रवि ने शीर्ष अदालत के आदेश की अपनी व्याख्या देते हुए कहा है कि इस मामले में दोषी ठहराये जाने के फैसले पर ‘‘ रोक लगाई गई है, उसे रद्द नहीं किया गया’’। विल्सन ने कहा कि यह असंगत व्याख्या है और उच्चतम न्यायालय के आदेश का अपमान है।
वरिष्ठ अधिवक्ता विल्सन ने कहा,‘‘ जब वह शीर्ष अदालत के आदेशों का जानबूझकर उल्लंघन, संवैधानिक प्रावधानों का अपमान और कानून की अनदेखी कर रहे हैं तो वह अब इस पद पर बने रहने के लायक नहीं हैं।’’
इस बीच, राज्यपाल रवि द्वारा पोनमुडी को मंत्री नियुक्त करने की सिफारिश को खारिज किए जाने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय तमिलनाडु सरकार की याचिका पर विचार करने के लिए सोमवार को सहमत हो गया।
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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 18, 2024 03:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

